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राजस्थान के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने आश्वस्त किया कि RSRTC की कार्यशालाओं में कार्यरत महिला कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव देने पर विचार हो रहा है।

Rajasthan Government Reconsidering over Child Care Leave: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बजट सत्र 2025 के दौरान महिला कर्मियों को एक बड़ी खुशखबरी देने पर विचार कर रही है। विधानसभा में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की कार्यशालाओं में कार्यरत महिला कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव की सुविधा देने पर विचार कर रही है। हालांकि इस तरह एक प्रस्ताव पूर्व में वित्त विभाग ने वापस कर दिया था।

लीव सुविधा देने पर पुनर्परीक्षण करेगी सरकार    

परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने सदन में आश्वासन देते हुए कहा कि राजस्थान पथ परिवहन निगम की कार्यशालाओं में कार्यरत महिला कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव की सुविधा देने के प्रस्ताव का पुनर्परीक्षण करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल सेवा नियमों के तहत कार्यरत महिला कर्मियों को ही राज्य कर्मियों की भांति चाइल्ड केयर लीव का लाभ दिया जा रहा है। लेकिन भजनलाल सरकार परिवहन निगम की कार्यशालाओं में कार्यरत महिला कर्मियों तथा श्रमिकों के लिए भी नियम परिवर्तन की संभावनाओं को संवेदनशीलता के साथ खंगाल रही है।

सेवा नियमों में भिन्नता ने बनाया अव्यावहारिक

मंत्री बैरवा ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायक गीता बरबड के लिखित प्रश्न के जवाब को दे रहे थे। उन्होंने इस अव्यावहारिकता के पीछे छिपे कारणों को उजागर करते हुए कहा कि सेवा नियमों में भिन्नता होने के कारण कार्यशालाओं में कार्यरत महिला कर्मी चाइल्ड केयर लीव के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने कारणों को उजागर करते हुए कहा कि नियमानुसार राजस्थान पथ परिवहन निगम की कार्यशालाओं में कार्यरत मंत्रालयिक संवर्ग की महिला कर्मियों को पूर्ण सेवाकाल में अधिकतम 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव की सुविधा देय है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री ने इसके लिए निगम द्वारा जारी किए गए आदेश को विवरण सहित सदन के पटल पर रखा।

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