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Rajasthan Politics: जैसा कि राजस्थान राजाओं की धरती रही है, ऐसे में यहां राजनीतिज्ञों का होना तो आम बात हो जाता है। राजस्थान की धरती ने कई ऐसे राजनेताओं को जन्म दिया जिन्होंने देश की राजनीति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम किया।

Rajasthan Politics: राजस्थान ने देश को कई ऐसे प्रभावशाली राजनेता दिए हैं, जिन्होंने न केवल राज्य की राजनीति में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई। ये राजनेता राजस्थान के विकास के साथ-साथ देश के विकास में भी सहायक बने। राजस्थान के नेताओं ने अपने राज्य और देश के विकास में अहम भूमिका निभाई।

इन नेताओं का कार्यकाल राजनीति के साथ-साथ समाज के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करने वाला था, जो आज भी उनकी स्थायी धरोहर है। इन नेताओं के योगदान ने न केवल राजस्थान को एक नए दृष्टिकोण से देखा, बल्कि पूरे देश में उनके कार्यों की एक स्थायी धरोहर छोड़ दी, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। उनके कार्यों ने समाज में सशक्तिकरण, समानता और विकास की दिशा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया।

मोहनलाल सुखाड़िया

मोहनलाल सुखाड़िया जी के पास राजस्थान के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने की उपलब्धि है। इन्हें "आधुनिक राजस्थान के निर्माता" के नाम से भी जाना जाता है। उनकी सरकार के दौरान ही जवाहर सागर और राणा प्रताप सागर जैसी सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत हुई थी। इसके अलावा इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाकर राज्य में स्कूल और कॉलेज की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ाई। इनका मुख्य दृष्टिकोण दलित और आदिवासी समुदाय का उत्थान करना था। इसके अलावा, ये सामाजिक न्याय और औद्योगिक विकास के समर्थक भी माने जाते थे।

भैरोसिंह शेखावत

राजस्थान के तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके भैरोंसिंह शेखावत ने अपने कार्यकाल के दौरान ग्रामीण विकास और जनहित योजनाओं को प्राथमिकता देने का कार्य किया। उनकी सरकार के दौरान "अंतोदय योजना" की शुरुआत हुई, जो गरीबों की मदद के लिए एक मिसाल बनकर उभरी। ईमानदारी और सादगी के लिए प्रसिद्ध भैरोंसिंह शेखावत 2002 में भारत के उपराष्ट्रपति भी बने, जहां उन्होंने संसदीय प्रक्रिया को कुशलता से संभाला। भैरोंसिंह शेखावत ने 1977 में जनता पार्टी के मुख्यमंत्री और 1990 व 1993 में बीजेपी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री बनकर राजस्थान का नेतृत्व किया।

वसुंधरा राजे सिंधिया

राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने अपने दोनों कार्यकाल के दौरान जनता के लिए बहुत से कार्य किए। उन्होंने अपने कार्य से जमीनी स्तर पर बीजेपी संगठन को मजबूत करने का कार्य किया और बहुत कम समय में वह बीजेपी का एक प्रमुख चेहरा बन गईं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान महिलाओं को वित्तीय सशक्तिकरण देने का कार्य करने के साथ-साथ शिकायत निवारण के लिए डिजिटल प्रणाली भी बनाई। राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए उन्होंने एक समिट का निर्माण भी करवाया।

अशोक गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गरीबों और हाशिए पर खड़े लोगों के लिए कई योजनाएं चलाईं। वे मुख्य रूप से सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य और शिक्षा के पक्षधर थे। उन्होंने जनता के लिए अपने कार्यकाल के दौरान चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना, और फ्री दवा योजना जैसी प्रमुख योजनाएं चलाईं।

जसवंत सिंह

जसवंत सिंह राजस्थान के प्रमुख राजनेताओं में से एक थे। उन्होंने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों के दौरान एक प्रमुख भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, भारत-पाकिस्तान के संबंधों को संतुलित करने में उनकी राजनीतिक सोच काफी मददगार साबित हुई थी। उन्होंने आर्थिक सुधारों को बढ़ावा देने का कार्य किया। उन्होंने अपनी किताब में कूटनीति और राजनीति पर बहुत ही गहराई से चर्चा की। जसवंत सिंह बाड़मेर से सांसद रहने के साथ-साथ वित्त, विदेश और रक्षा जैसे प्रमुख मंत्री पदों पर भी कार्य कर चुके थे।

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