Bhajan Lal Government Fixed Gravel Rate in Rajasthan: राजस्थान में अब अपने सपनों का घर बनवाने की सोच रहे वर्ग के लिए भजनलाल सरकारभजनलाल सरकार ने बड़ी पहल कर दी है। राजस्थान के खनिज विभाग ने भवन निर्माण में उपयोग होने वाली बजरी की दर तय कर दी है। यदि सरकार द्वारा तय मूल्य से अधिक दर पर कोई फर्म बेचता पाया जाता है। तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दिशा में राजस्थान के टोंक जिले से गुजर रही बनास नदी को बजरी खनन के लिए कुल 34 भागों में बांट दिया है। इन्हीं 34 प्लाट के मुताबिक बजरी की लीज तय की जाएगी। ऐसा माना जा रहा है इस कदम के बाद लोगों को 3-4 गुना सस्ती बजरी मिल सकेगी।
बजरी की ओवर चार्ज करने वाली फर्मों को चेतावनी
भजनलाल सरकार ने सरकार द्वारा तय दर से अधिक दर पर बजरी बेचने वाली फर्मों को चेतावनी जारी कर दी है। टोंक खनिज विभाग के सहायक अभियंता सोहनलाल सुथार के मुताबिक सरकार ने इस बार बजरी की दर तय की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 50 रुपए प्रति टन से चार गुना 200 रुपए प्रति टन तक की दर से तय की है। लेकिन लीज धारक मनमर्जी से 750 रुपए प्रति टन वसूल रहे हैं। फिर भी यदि तय दर से अधिक मनमर्जी दर पर कोई फर्म बजरी को बेचती पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
पर्यावरण अनुमति के बाद होगी नीलामी
खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार बनास नदी के खनन एरिया को 34 भागों में बांटा गया है। जिसमें अभी तक जिन 8 भागों की नीलामी कर दी गई है। उसमें बोरदा, बंथली, डोडाबाड़ी, जलसीना व मूडिया में 1-1 तथा सतवाड़ा में तीन 3 लीजों की नीलामी की गई है। वहीं जिन लीजों की नीलामी शेष है, उनमें देवली क्षेत्र में सतवाड़ा, संथली तथा राजमहल, दूनी की 11 लीजों में बंथली, जलसीना, जलेरी, आमली, नोंदपुरा, टोंक की 11 लीजों में अहमदपुरा, लहन, पालड़ा, बोरदा, अरियानील, अमीनपुरा आदि तथा पीपलू की 5 लीज शामिल हैं।
ये भी पढ़ें- Child Care Leave: महिला कर्मियों के लिए भजनलाल सरकार का बड़ा कदम, इस विभाग के लिए हो रहा पुनर्विचार