Republic Day 2025: राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस को लेकर राजस्थान के सीएम भजनलाल सहित राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े शनिवार को झीलों की नगरी उदयपुर पहुंच गए। यहां पहुंच कर उन्होंने 26 जनवरी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम सहेलियों की बाड़ी के एट होम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में ही उन्होंने राजस्थान के पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों सहित कला-साहित्य एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया। बता दें 10 साल बाद उदयपुर के महाराजा भूपाल स्टेडियम में राजकीय गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जाएगा, जिसमें ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा।
सांस्कृतिक गौरव की होगी झलक
उदयपुर में आयोजित होने वाले इस राजकीय गणतंत्र दिवस में सांस्कृतिक गौरव की झलक के साथ मनाया जाएगा। इस बार राष्ट्रीय पर्व मुख्य समारोह में राज्य के 6 विभागों के साथ 11 जिलों की झांकियों को शामिल किया गया है। इन झांकियों में जहां जिलों पर आधारित झांकियों के माध्यम से राजस्थान की अलग-अलग स्थानीय कला-संस्कृति,लोक परंपराओं तथा शौर्य गाथाओं का प्रदर्शन होगा तो विभागों की झांकियों के माध्यम से भजनलाल सरकार की योजनाओं से राज्य में आए व्यवस्थापरक परिवर्तन तथा खुशहाली को प्रस्तुत किया जाएगा। इन झांकियों के प्रदर्शन को लेकर राज्य स्तर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त सुनील शर्मा को गणतंत्र दिवस का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इन लोगों को किया गया सम्मानित
सहेलियों की बाड़ी एट होम कार्यक्रम में शामिल होकर सीएम तथा राज्यपाल महोदय के द्वारा विभिन्न विभागों तथा क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित किया गया। इसमें बांसवाड़ा के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कानसिंह भाटी, पुलिस दूरसंचार अजमेर रेंज के तत्कालीन उपाधीक्षक व वर्तमान में एएसपी एसीबी जालौर वेद प्रकाश, सांचौर के तत्कालीन क्षेत्राधिकारी व वर्तमान में एएसपी एसीबी जोधपुर मांगीलाल राठौड़, रिजर्व पुलिस लाइन उदयपुर के तत्कालीन आरआई व वर्तमान में डिप्टी एसपी पुलिस दूरसंचार उदयपुर अनिल कुमार रेवड़िया,
पुलिस मोटर ड्राइविंग स्कूल बीकानेर के पुलिस निरीक्षक गुरजिंद्र सिंह के साथ ही कई अन्य अधिकारियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जयपुर की डॉ मनीषा सिंह, जोधपुर से मिथलेश श्रीवास्तव, संस्कार सारस्वत तथा धर्मेंद्र विश्नोई, उदयपुर से सुश्री सुनीता मीणा तथा बाड़मेर की फकीरा खान जैसे कला-साहित्य तथा लोक परंपराओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
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