Digi locker app will be Game Changer in RPSC Recruitments: राजस्थान में भर्ती प्रक्रिया में फर्जी डिग्री अथवा दस्तावेज इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं होगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग(आरपीएससी) ने ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए डिजिलॉकर तकनीक का उपयोग आवश्यक करने की दिशा में फैसला ले लिया है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ फर्जी दस्तावेजों के उपयोग पर रोक लगेगी। आयोग का मानना है कि अब दस्तावेजों का सत्यापन नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी के माध्यम से डिजिलॉकर से किया जाएगा, जिससे दस्तावेजों के सत्यापन का समय बचेगा तथा प्रमाणिकता सुनिश्चित होगी।
डिजिलॉकर से जुड़ेगा आरपीएससी
आयोग के सचिव के अनुसार राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा भर्ती प्रक्रियाओं में डिजिलॉकर तकनीक के उपयोग को लेकर अनुरोध प्राप्त हुए थे। इसी क्रम में डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म का मंत्रालय के अधिकारियों के द्वारा आयोग के अधिकारियों के आगे तकनीकी प्रेजेंटेशन किया गया था। जिसके माध्यम से डिजिलॉकर के उपयोग एवं ऑनलाइन उपलब्ध दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी गई थी। बता दें आरपीएससी द्वारा अब अभ्यर्थियों की अंकतालिकाओं, डिग्रियों तथा अन्य दस्तावेजों का सत्यापन नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी में संधारित डेटा को डिजिलॉकर के माध्यम से एक्सेस किया जा सकेगा।
अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक हुआ डिजिलॉकर
आयोग के इस कदम के बाद अब भर्ती परीक्षा देने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए डिजिलॉकर अकाउंट बनाना अनिवार्य हो गया है। इसके बाद अकाउंट में स्वयं के समस्त दस्तावेजों विशेषकर 10वीं,12वीं, ग्रेजुएशन तथा पोस्ट ग्रेजुएशन की अंकतालिका को ऑनलाइन फैच कर सूचीबद्ध करना होगा। एक बार डिजिलॉकर अकाउंट में सूचीबद्ध हो जाने के बाद डिजिलॉकर में संधारित हो जाएंगे। जिसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन आसान और सुगम हो जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को भी सुगमता हो जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया में हो जाएगा बड़ा बदलाव
डिजिलॉकर का सबसे बड़ा लाभ यह होगा आधार के साथ ही सभी अंकतालिकाओं का सत्यापन स्व-प्रमाणीकरण के द्वारा उपलब्ध हो जाएगा। इसका एक लाभ यह है कि दस्तावेज जिस अथॉरिटी के द्वारा जारी किया जाता है वहीं से प्रमाणित होने के बाद डिजिलॉकर में उपलब्ध होता है। ऐसे में बार-बार सत्यापित कराने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। यह भारत सरकार का पूर्णतः सुरक्षित एवं संरक्षित एप्लीकेशन है।
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