Regularization of Contract Workers in Sarva Shiksha Department of Rajasthan: भारत के सुप्रीम कोर्ट ने आज 19 मार्च 2025 को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए राजस्थान के 748 संविदा कर्मियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। राजस्थान सरकार की एक विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए अपने फैसले में कोर्ट ने सर्व शिक्षा अभियान के संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ कर दिया। बता दें राजस्थान सरकार ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसके अंतर्गत लोक जुम्बिश परिषद के तहत कार्यरत संविदा कर्मियों को विभाग में समायोजित करने के निर्देश दिए गए थे।
748 संविदा कर्मियों की बदली किस्मत
आज के सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे राजस्थान के सर्व शिक्षा विभाग के 748 संविदा कर्मियों के अंदर खुशी की लहर दौड़ गई। इन सभी संविदा कर्मियों को अब सर्व शिक्षा अभियान के तहत ही समायोजित किया जाएगा। इसके बाद अब संविदा कर्मियों को भी स्थाई कर्मचारियों की भांति समान वेतन तथा अन्य सुविधाओं का अधिकार मिलेगा।
राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकीं निगाहें
आज के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जहां संविदा कर्मियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता जितिन चतुर्वेदी ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई। तो वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से पैरवी कर रहे एएजी अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कहा कि आज के इस आदेश से राजस्थान सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार के साथ ही प्रशासनिक प्रभाव पड़ेगा। राज्य सरकार इस आदेश पर आगे पुनर्विचार याचिका दाखिल करने पर विचार कर सकती है।
लंबी लड़ाई के बाद आखिर मिली जीत
राजस्थान के सर्व शिक्षा अभियान के 748 संविदा कर्मियों की याचिका पर न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई पर ऐतिहासिक आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की ओर से दाखिल की गई विशेष अनुमति याचिका संख्या 1402-1411/2019 को खारिज कर दिया। इसके साथ ही इन संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हो गया। अब देखना है कि सरकार अपने अगले कदम के रूप में कोर्ट के फैसले को लागू करती है अथवा फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी।
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