Freedom fighter of Rajasthan: स्वतंत्रता आंदोलन में जितनी मुखर और महत्वपूर्ण भूमिका पुरुषों की रही है, उतना ही महिलाओं का भी रहा है। सहयोग और कर्मठता से इन महिलाओं ने भी अपनी पूरी भागीदारी दी और आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया। आज हम राजस्थान की उन महिलाओं के बारे में जानेगें जिन्होंने राजस्थान की पारंपरिक बाधाओं को तोड़कर भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इनके बलिदान,साहस और लचीलेपन की अनकही कहानियाँ इतिहास के पन्नें शब्दशः बतलाती है। जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में राजस्थान की भूमिका की कहानी को आकार दिया। ये वो महिलाएं है जो या तो राजस्थान की थी या फिर राजस्थान से ही हक और आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया।
राजमाता विजया राजे सिंधिया
राजस्थान के सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने में सबसे प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक ग्वालियर के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजमाता विजया राजे सिंधिया थीं। इन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए परंपराओं को ना सिर्फ चुनौती दी बल्कि भारत की संप्रभुता की वकालत भी की। गांधीवादी दर्शन ने राजस्थान की कई महिलाओं को स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के लिए ना सिर्फ आकर्षित किया बल्कि प्रेरित भी किया।
कस्तूरबा गांधी
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी भी राजस्थान की स्वतंत्रता की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और वह लचीलेपन और ताकत का प्रतीक बनी। साथ ही इन्होंने अहिंसा और सामाजिक सुधार की बात भी कही।
र्निमला मेहता
यह एक उल्लेखनीय स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थी जिन्होंने सविनय अवज्ञा को अपनाया और साथ ही विरोध प्रदर्शनों और मार्चों में सक्रिय रूप से भाग भी लिया। इन्होंने महात्मा गांधी के साथ मिलकर काम किया, सत्याग्रह के सिद्धांतों का प्रचार किया और दमनकारी ब्रिटिश नीतियों के खिलाफ़ आंदोलनों का नेतृत्व भी किया।
गिरिजा देवी
राजस्थान में स्वतंत्रता संग्राम की एक और खास महिला गिरिजा देवी साहस और दृढ़ संकल्प की प्रतिमूर्ति थीं। इनके कई सविनय अवज्ञा अभियानों में उनकी भागीदारी और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ उनका दृढ़ रुख आज भी सम्मान की भावना जगाता है। इन्होनें बेड़ियों से मुक्त होने के अटूट संकल्प को एक राष्ट्र के भाग्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजस्थान, जोकि अपनी वीरता और शाही विरासत के लिए प्रसिद्ध है। इसने कई महिलाओं की अदम्य भावना को देखा है। जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए जोश से लड़ाई लड़ी। साथ ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक परिदृश्य को आकार देने में उनका योगदान अमूल्य है।