Rajasthan best place: राजस्थान देश का एक ऐसा राज्य है, जो पर्यटकों की पहली पसंद बनी रहती है। यहां पर सिर्फ ऐतिहासिक और पुराना जगह ही नहीं, बल्कि जानवरों को देखने के लिए भी आप आ सकते हैं। यदि आप वाइल्डलाइफ और तेंदुओं को देखना पसंद करते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। शाही राज्य में हम वाइल्डलाइफ गतिविधियों के बारे में जिक्र करते हैं, तो हमारे सामने सरिस्का टाइगर रिजर्व, रणथंभौर, मुकुंदरा टाइगर, भरतपुर पक्षी विहार जैसे कई अभ्यारण के नाम जुबां पर आते हैं। आज हम आपको पाली में स्थित जवाई की बात करेंगे, जहां आकर आप पशु पक्षियों और अनेकों जानवरों को देख सकते हैं।
दुनियाभर में प्रसिद्ध है यह जगह
राजस्थान के पाली जिले में स्थित जवाई हिल्स दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यह जगह घास के मैदान, जवाई बांध, लूनी नदी के तटीय क्षेत्र पर बसा हुआ है। जवाई की इन पहाड़ियों को लावा का आकार दिया गया है। इसकी नेचुरल गुफाओं में तेंदुए, भारतीय धारीदार हाईना के साथ साथ कई बड़े और खूबसूरत पशु पक्षी रहते हैं।
यह एक ऐसी जगह है जो ब्लैक पैंथर, हायना, मगरमच्छ और कई प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है। जवाई में स्थित बांध की खूबसूरती भी लाजवाब दिखाई देती है। पहाड़ियों में स्थित इस जगह को लैपर्ड हिल्स ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है।
वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए शानदार है यह गांव
राजस्थान में इसके अलावा स्थित बेरा गांव भी अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यह हजारों गांवों की तरह ही एक सिंपल गांव जैसा है। यह एक ऐसा गांव है, जहां लोग फोटो खींचने के लिए आते हैं। वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार है। पाली जिले में स्थित यह गांव राजस्थान के दक्षिण पश्चिमी कोने में स्थित है।
आजतक तेंदुए ने बनाया किसी इंसान को अपना शिकार
जवाई नदी और अरावली पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में पैंथर और तेंदुए रहते हैं। यहां 60 से 65 तेंदुओं का घर है। इस जगह पर तेंदुए और इंसानों के बीच मेलमिलाप देखने को मिलता है। आज तक तेंदुए ने किसी भी इंसान को अपना शिकार नहीं बनाया है और हमला तक नहीं किया है। तेंदुए को संरक्षित करने के लिए गांव वाले इनका सहयोग और देखभाल भी करते हैं। यहां अवैध शिकार करने से भी गांव वाले दूर रहते हैं।