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Juna Mahal: राजस्थान के डूंगपूर शहर के जूना महल में आज भी कई विभिन्न पेंटिंग मौजूद है। इनमें से कई पेंटिंग सोने से बनाई गई है। इस महल की खास बात यह है कि इसके कमरों की छतों पर रामायण उकेरी गई है।

Juna Mahal: राजस्थान के डूंगरपुर शहर में बना जूना महल प्रदेश की ऐतिहासिक विरासतों में गिना जाता है। इसकी खूबसूरती देखने के लिए सालाना लाखों पर्यटक यहां आते हैं। 131वीं सदी में बना यह महल अपनी वास्तुकला, डिजाइन और इतिहास के पूरी दुनिया में फेमस है। 

पत्थर की बड़ी चौकी पर बना हुआ है यह महल 

सात मंजिला यह महल एक ऊंची चौकी पर ’पारेवा’ नामक पत्थर से बनाया गया है। इस किले का निर्माण दुश्मनों से रक्षा करने के लिए बनाया गया था, इसलिए इसे गढ़ की प्राचीरों, संकरे गलियारों और विशाल दीवारों से तैयार किया गया है। महल की हर मंजिल पर अलग-अलग प्रकार की पेंटिंग बनाई गई है। 

शीश महल में होता था रानियों का श्रृंगार

जूना महल के अंदर एक शीश महल बना हुआ है। माना जाता है कि उस समय इस शीशमहल को रानियों के श्रृंगार के लिए इस्तेमाल किया जाता था। आज भी देखने में शीश महल उतना ही खूबसूरत और समृद्ध नजर आता है। जूना महल की हर मंजिल पर राजा नाटक और नृत्य देखा करते थे। इसके अंदर आपको कई प्रकार की पेंटिंग देखने को मिल जाएंगी। इनमें से कई पेंटिंग सोने के तैयार की गई है। 

भीतरी छत पर उकेरी गई है रामायण 

यहां की खास बात यह है कि इमारत के कमरों की भीतरी छतों पर रामायण का उल्लेख किया गया है। चित्रों की कला से रामायण के अलग प्रसंगों को दर्शाया गया है। इस महल को इस तरीके से बनाया गया है, ताकि कोई भी दुश्मन इस महल पर आसानी से आक्रमण ना कर सके। 

कितनी है महल की टिकट

आपको बता दें कि यदि आप यहां आने का विचार कर रहे हैं, तो इस महल को देखने के लिए आपको उदय विलास पैलेस से 250 रुपए प्रति व्यक्ति का टिकट लेना पड़ेगा, जिसके बाद आप जूना महल में आकर इसकी खूबसूरती और इतिहास को पढ़ सकते हैं।

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