Rajasthan Thar Desert History: राजस्थान का थार रेगिस्तान, जिसे ग्रेट इंडियन डेजर्ट के नाम से भी जाना जाता है। इंडिया के उत्तर पश्चिम तथा पाकिस्तान के दक्षिण पूर्व में पूर्वी सिंध प्रांत से पंजाब तक यह अपनी पांव पसारे हुए है। इस मरुस्थल को लेकर ऐसा सुनने को मिलता है कि इसका नाम पाकिस्तान में स्थित थारपारकर जगह के नाम पर रखा गया है। हालांकि, जानकारी के लिए आपको बता दें कि थार शब्द की उत्पत्ति थल से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ रेत होता है। हिंदुस्तान का यह एकमात्र मरुस्थल करीब 2 लाख वर्ग किलोमीटर जैसे विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। यह विश्व का 17वां सबसे बड़ा रेगिस्तान माना जाता है।
80 प्रतिशत से ज्यादा क्षेत्र भारत में है स्थित
थार रेगिस्तान को लेकर यह बताया गया कि यह विश्व का नौवां सबसे ज्यादा गर्म उष्णकटिबंधीय मरुस्थल है। थार का झुक 80 से ज्यादा प्रतिशत एरिया भारत और 15 क्षेत्र पाकिस्तान में फैला हुआ है। भारत में स्थित इसका ज्यादातर हिस्सा राजस्थान राज्य में आता है, जो इस राज्य के कुल क्षेत्रफल का 61 प्रतिशत हिस्सा है। राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर जिले थार रेगिस्तान के विभिन्न अंग हैं। इसके साथ ही इसका बड़ा हिस्सा हनुमानगढ़, नागौर, गंगानगर और चुरु जिलों में आता है। पाकिस्तान में यह रेगिस्तान मीरपुर खास हैदराबाद और सिंध प्रांत के एक विशाल भूभाग में फैला हुआ है।
पहले समुद्र हुआ करता था रेगिस्तान का यह हिस्सा
राजस्थान में दिखने वाला थार रेगिस्तान लाखों साल पहले एक बड़ा समुद्र का हिस्सा हुआ करता था, जो लगातार धरती के प्लेटों के हिलने के कारण समुद्र से पिछड़ गया। लगातार भौगोलिक परिवर्तन के कारण इस पूरे क्षेत्र का पानी पूरी तरह सूख गया और रेतीली भूमि के रूप में उभरकर सामने आ गई। लगातार जलवायु परिवर्तन के चलते यहां के क्षेत्र मरुस्थल में तब्दील होता चला गया।
बंजर होने के बावजूद यह इलाका काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। उसके बावजूद भी यह नेचुरल ब्यूटी का एक ऐसा विस्तार है, जो अपनी कहानी खुद लिखता है। थार रेगिस्तान में पाई जाने वाली रेत ढाई अरब से 57 लाख साल पुरानी पूर्व कैम्ब्रियन युग की चट्टानों और अवसादी चट्टानों का परिवर्तित रूप है।
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