Rajasthan Folktales: राजस्थान जो सबसे अनोखे कथाओं और किस्सों के लिए जाना जाता है, ये लोककथाएं ही राजस्थान की धरोवर है। इन लोककथाओं का हिस्सा राजा रानी के बहादुरी के कहानी है, जो इतिहास को और ज्यादा महत्वपूर्ण बनाता हैं।
राजस्थान की 4 लोककथाएं
1.ढोला मारु
ढोला मारू की अनोखी कहानी है जो धैर्य और वीरता के अटूट प्रेम के लिए प्रसिद्ध है। ढोला जो की नरवर राज्य के राजकुमार थे। वहीं मारू पूगल की राजकुमारी थी। जिसकी शादी बचपन में ही कर दी गई थी। लेकिन ढोला अपने पिता की मृत्यु के बाद मारू के साथ हुई शादी के बारे में भूल गया था और जिसकी वजह से उन्होने राजकुमारी मालवानी से दूसरी शादी कर ली थी।
इसे भी पढ़े:- राजस्थान का बयाना किला...गलत सूचना की वजह से कूदीं 360 रानियां और दासियां अग्नि कुंड में, इतिहास का पहला जौहर
पूगल के राजा ने लोक गायकों की एक पार्टी रखी थी वहीं उनको अपनी पहली शादी के बारे में पता चला था। ढोला को अपनी गलती का एहसास होने पर अपनू दूसरी पत्नी और उमर सुमार ने जो समस्या उत्पन्न की थी उसे दूर करना था।
क्रूर उमर सुमार ने किया हमला
क्रूर उमर सुमार ने ढोला को अपने हथियार से मारने की कोशिश की थी। लेकिन ढोला ने अपने प्यार के खातिर मारू के साथ संतों के द्वारा दिए गए उड़ने वाले ऊंट पर सवार होकर भाग गया था।
2.पन्ना धाय
राजस्थान की ये कहानी एक दासी की है जिसका नाम पन्ना धाय था। जिनका काम दायिमा का अर्थात रानी कर्णावती के पुत्र उदय सिंह और विक्रमादित्य की देखभाल करना था। जिस समय पन्ना धाय मेवाड़ के महल में काम करती थी उस समय वहां रानी कर्णावती के बड़े पुत्र राजा विक्रमादित्य का शासन था।
पन्ना ने बचाया उदय सिंह को
उदय सिंह पर आक्रमण होने पर पन्ना धाय ने मेवाड़ के उत्तराधिकारी उदय सिंह को टोकरी में छुपा करकर गाँवों और महलों की यात्रा करने के बाद, पन्ना ने दूसरे राज्य के राजपूत साम्राज्य में अपनी शरण ली और इसके बाद मेवाड़ लौटने के बाद उदय सिंह को वहां के उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित किया।
3. हाड़ी रानी
हाड़ी रानी की कहानी तो आपने कभी न कभी से तो जरूर सुनी होगी, जिसमें हांडा राजपूत समाज के राव चुंडावत रतन सिंह को उनकी पत्नी हाड़ी रानी के साथ राजस्थान की लोक कथाओं में दफनाया गया है। इस लोककथा में बताया गया है कि औरंगजेब की सेना को नष्ट करने के लिए उनके बलिदान और वीरता के लिए जाना जाता हैं। जिसकी वजह से हाड़ी रानी के द्वारा दिया गया बलिदान आज राजस्थान में इतिहास के स्वर्णिम पन्नों पर छप गए हैं।
4.कामना का पेड़
कामना का पेड़ ये एक ऐसी कहानी है, जो एक यात्री के सफर के बारें में बताती है, जिसमें एक यात्री थार रेगिस्तान से यात्रा कर रहा था। तब थकान के कारण वो एक पेड़ की ठंडी छाया के नीचे आराम करने बैठ जाता है। कुछ देर आराम करने के बाद यात्री के की आखें खुली तो उसने देखा की उसके सामने एक राक्षस खड़ा है, भय के कारण उसने जोर से दानव के चले जाने की इच्छा प्रकट की।
यात्री ने प्रकट की अपनी कामना
दानव के चले जाने की कामना से वो दानव वहां से चला गया। दानव के ऐसे ही अचानक चले जाने की वजह से वो चकित था तब यात्री ने महसूस किया कि यह पेड़ कोई साधारण पेड़ नही है बल्कि एक कामना का पेड़ है। इसका पता लगने के बाद उसने अपने लिए एक अच्छे चेतक घोड़े की कामना कि, जो पूरी है गई।
इसे भी पढ़े:- Hadi Rani: राजस्थान की ऐसी रानी जिसने पति और वतन से मुहब्बत के लिए काटा था अपना सिर, बन गई मिसाल