Rajasthan Politics: आज हम बात करेंगे उस शख्स की, जिसने खुद को राजस्थान का सबसे मजबूत नेता समझ लिया था। हम बात कर रहे हैं हनुमान बेनीवाल की। बेनीवाल को अब राजकुमार रोत ने उनकी हैसियत दिखा दी हे। आज उनका राजनीतिक करियर संकट में है, क्योंकि जब आप अपने ही झूठ में उलझते हो, तो दूसरे आपको आपकी असलियत बता ही देते हैं। राजस्थान में बेनीवाल की जो लोकप्रियता थी, अब वो अब खत्म होने के कगार पर है। हाल ही में उन्हें एक बड़ा झटका लगा। उनका जो पुराना प्रभाव था वो अब राजकुमार रोत की मजबूत राजनीति से टकरा गया है।
बेनीवाल की राजनीतिक करियर का अंत?
राजकुमार रोत की बाप पार्टी को राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा मिल चुका है और यही बात हनुमान बेनीवाल को हजम नहीं हो रही। क्योंकि वो खुद को राजस्थान की राजनीति का सिरमौर समझते थे और अब वो खुद को हारे हुए इंसान की तरह महसूस कर रहे होंगे। उनकी पार्टी RLP अब खत्म होने की कगार पर है। हनुमान बेनीवाल की पूरी पार्टी का जो भविष्य था, वो अब धुंधला सा दिखता है। हाल ही में वो RLP से अकेले सांसद रह गए हैं और उनकी पार्टी में राजस्थान का कोई विधायक भी नहीं है। इससे साफ है कि उनका राजनीतिक अंत अब करीब आ चुका है।
'बाप' ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
इसी बीच बाप ने राजकुमार रोत के नेतृत्व में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। BAP को राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा मिल गया। ये दिखाता है कि राजस्थान में BAP का जलवा भी कायम है। राजकुमार रोत ने सोशल मीडिया पर इसका ऐलान किया और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इसे संभव बनाया। अब ये बात साफ हो चुकी है कि भाजपा और कांग्रेस के बाद बाप पार्टी राजस्थान में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है।
हनुमान बेनीवाल के लिए यह समय का सबसे बड़ा झटका है। उनकी पार्टी अब खत्म होने की कगार पर है, जो खुद को राज्य स्तरीय नेता समझते थे, आज वो बस इतिहास का हिस्सा बनते जा रहे हैं। अब राजनीति की असली तस्वीर दिख चुकी है और हनुमान बेनीवाल को अब अपनी वास्तविक स्थिति का एहसास हो चुका है।
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