Rajasthan Temple: कहते हैं कि राजस्थान की रेत में बहुत कुछ छुपा है, राजस्थान की भव्य महल, खुबसूरत प्राकृतिक नजारा, अलग-अलग व्यंजन और अन्य सांस्कृतिक परम्पराएं। लेकिन राजस्थान का वो मंदिर जहां कई श्रद्धालु अपनी आस्था दिखाते हैं, वो शापित होती है,तब ज्यादा आश्चर्य महसूस होता है।
कहां है यह मंदिर
किराडू मंदिर राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है। वहीं इस मंदिर का निर्माण 12 वीं शताब्दी में हुआ था और जिसके बाद से ही साधु के श्राप के कारण यहां पर वीरानियत छा गई। राजस्थान का यह मंदिर जितना खुबसूरत और भव्य है उतना ही गहरा इसका रहस्य भी है।
राजस्थान का खजुराहो मंदिर कहा जाता है
यह मंदिर 1000 साल पुराना होने के साथ-साथ भव्य भी है। वहीं इस मंदिर को पूरे राजस्थान में खजुराहो मंदिर के नाम से प्रसिद्ध मिली हुई है जो टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसके साथ ही इस मंदिर के लिए ये कथा भी प्रचलित है कि शाम होने के बाद यहां जो भी ठहरता है वो पत्थर का बन जाता है।
इस कारण मंदिर वीरान रहता है
बता दें कि किराडू मंदिर के लिए ये मान्यता वर्षों से चली आ रही है कि शाम होने के बाद यहां जो भी रुकता है वो पत्थर का बन जाता है या फिर उसकी मौत हो जाती है। यहीं डर के चलते ये पूरा क्षेत्र वीरान हो जाता है। यही इस मंदिर के वीरान रहने के पीछे का रहस्य है।
क्या है स्थानीय लोगों की मान्यता?
जिस जगह इंसानियत नहीं है उन्हें पत्थर का बन जाना चाहिए। साधु के इस शाप को मानते है। वहीं यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि बहुत सदियों पहले एक महान ऋृषि अपने अनुनानियों के साथ इस जगह पर आए थे। जब वो घूमने निकले तो उनके सभी अनुनानियों की तबीयत खराब हो गई। इस दौरान उनकी किसी ने भी सहायता नहीं की, बस एक कुम्हारन ने ही उनकी मदद की थी। जब ऋृषि वापस ठीक हुए तो उन्होनें पूरे गांव को श्राप दिया कि जिस जगह इंसानियत नहीं है उन्हें पत्थर का बन जाना चाहिए।
श्राप के कारण छाई रहती है वीरानियत
ऋृषि ने पूरे गांव को श्राप दे दिया कि शाम होने तक इस गांव के सभी लोग पत्थर के बन जाएंगे। साथ ही ऋृषि ने उस कुम्हारन को उस गांव से जाने के लिए कहा और यह हिदायत दी कि वो वापस मुड़ कर ना देखे। जिस वजह से सब लोग धीरे-धीरे पत्थर के बनते गए और वहीं जब कुम्हारन गांव से जा रही थी तो उसने पीछे मुड़कर देख लिया और वो उसी जगह पत्थर की बन गई।