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Holi 2025:  होली का महीना चल रहा है,14 मार्च को बड़ी होली मनाई धूमधाम से जायेगी। होली खेलने के लिए  हर्बल गुलाल की मांग बड़ी मात्रा में बढ रही है। रासायनिक मुक्त गुलाल राजस्थान के सिरोही जिले में बनाया जा रहा है।

Holi 2025:  आज के समय में हर कोई होली खेलने से बचना चाहता है, अगर ऐसे में आपको हर्बल गुलाल मिल जाए तो सब होली खेलेगें। हर्बल गुलाल बनाने का काम राजस्थान के सिरोही जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र बसंतगढ़ में तैयार किया जा रहा है, जो की पिंडवाडा उपखंड के अंतर्गत आता है। 

हर्बल गुलाल बनाने का तरीका 

सिरोही मेंआदिवासी महिलाओं द्वारा यह हर्बल गुलाल प्राकृतिक चीजों से बनाया जा रहा है। यह पलाश के फूल और अन्य साम्रगी से तैयार हो रहा है। इस गुलाल की मांग बाजार में तेजी से बढ रही है। यहां का प्रशासन भी इस गुलाल की बिक्री के लिए योजनाए बना रहा है। हर्बल रंगों की बिक्री के लिए सिरोही में विशेष केन्द्र बनाए गए है। हर्बल रंगों प्राकृतिक वस्तुओं से बनाए जाने के कारण एकदम सुरक्षित है। होली का त्यौहार हर्ष,उल्लास और रंगो का प्रतिक है।

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हर्बल गुलाल बनाने की शुरुआत

इस काम को अंजाम आदिवासी  महिलाए दे रही है। यह योजना राजस्थान सरकार की ओर से लखपति दीदी योजना और ग्रामीण आजीविका विकाष परिषद के सहयोग से चलाई जा रही है। इन
योजनाओं से जुडकर महिलाए आत्मनिर्भर बन अपनी आजीविका चला रही है।

महिला सशक्तिकरण 

राजस्थान में कई योजना चलाई जा रही है। जिससे गरीब महिला को रोजगार मिलता है। सरकार की इस तरह की पहल से महिलाओं को सशक्त और आर्थिक रुप से मजबूत बनाया जा रह है, क्योंकि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने से उनका विश्वास बढ़ता है। इस तरह महिलायें अपने परिवार का अच्छे से भरण पोषण कर पाती हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाती हैं।

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