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Rajasthan Mobile Tower: पाकिस्तानी सिग्नल की घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार की ओर से पाकिस्तानी बॉर्डर से 100 मीटर पहले तक राजस्थान के इलाकों में 140 मोबाइल टावर लगाने जाएगें। इससे ना सिर्फ देश की सुरक्षा बढ़ेगी साथ ही बॉर्डर के पास के इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएंगी।

Rajasthan Mobile Tower: राजस्थान में पाकिस्तानी सिग्नल की घुसपैठ को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नया आदेश जारी किया है। पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से 100 मीटर पहले तक राजस्थान के इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएंगी। केंद्र सरकार के आदेश पर बीएसएनएल द्वारा अब 140 मोबाइल टावर लगाने जाएगें। साथ ही एक हजार किलोमीटर लंबाई में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य भी किया जाएगा। इससे सीमा सुरक्षा बल के जवानों समेत नजदीकी गांव-ढाणियों तक भी आसानी से मोबाइल के माध्यम से बातचीत हो सकेगी। 
 
बॉर्डर पर आते है पाकिस्तानी नेटवर्क के सिग्नल

बीएसएनएल राजस्थान के मुख्य महाप्रबंधक विक्रम मालवीय ने बताया कि अभी भी कई बार बॉर्डर के पास के इलाकों में पाकिस्तानी नेटवर्क के सिग्नल आते है। अब सरकार के आदेश के बाद बीएसएनएल का नेटवर्क आने के साथ-साथ इन सिग्नलों को रोकने के उपकरण भी स्थापित किए जाएंगे। इससे पाकिस्तान के मोबाइल सिग्नल कनेक्टिविटी से जोड़ने की आशंका खत्म हो जाएगी। उन्होंने आगे जानकारी दी कि अभी तक बॉर्डर से लगभग पांच किलोमीटर पहले तक टावर लगाए जा चुके है। 

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इन जिलों में हुआ ड्राइव टेस्ट

मालवीय ने बताया कि कुछ दिनों पहले ही राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों की बॉर्डर के आसपास के क्षेत्रों का सर्वे भी किया गया था। इस सर्वे के दौरान दूरसंचार विभाग और इंटेलिजेंस एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी और सभी मोबाइल ऑपरेटर के प्रतिनिधि मौजूद रहे। साथ ही बीएसएफ के जवान भी इनके साथ थे। इन जिलों के बॉर्डर के गांव में टावर लगाने से पहले ड्राइव टेस्ट भी कराया गया। 
 
सीमा से 5 किमी पहले लगाए जाते थे टावर

बता दें कि अब तक राजस्थान और पाकिस्तान की सीमा से लगभग 5 किलोमीटर पहले तक ही मोबाइल टावर स्थापित किए जाते थे। लेकिन अब इस दूरी को कम कर 100 मीटर किया गया है। इससे न सिर्फ देश की सुरक्षा बढ़ेगी साथ ही बॉर्डर के पास के इलाकों के लोगों को भी डिजिटल इंडिया के तहत बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

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