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illegal tap connections: राजस्थान जलदाय विभाग द्वारा प्रदेश के सभी अवैध नल कनेक्शन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध कनेक्शन को बंद करने के लिए सरकार ने 30 अप्रैल तक का समय दिया है। इसके बाद पुलिस में केस दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

illegal tap connections: राजस्थान के जलदाय विभाग ओर से राज्य में अवैध नल कनेक्शन वालों पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग के कर्मचारियों द्वारा निगरानी रखी जा रही है। नलों में व्यर्थ पानी बहने, नलों में टोंटियां ना होने और पेयजल का अन्य कार्यों में इस्तेमाल करते पाए जाने पर विभाग कार्रवाई कर पेनल्टी वसूल कर रहा है। इसके साथ ही काटे गए कनेक्शनों को भी जोड़ने के लिए पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अवैध कनेक्शन को बंद करने के लिए सरकार ने 30 अप्रैल तक का समय दिया है। यदि इसके बाद भी कोई मामला सामने आता है तो पुलिस में केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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वसूला जा रहा है जुर्माना 

बढ़ती गर्मी के कारण जलदाय विभाग द्वारा 30 अप्रैल तक अवैध नल कनेक्शन को बंद करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभाग ने अब तक 5 अवैध कनेक्शन काटकर 9 हजार 670 रुपए की राशि वसूल की है। साथ ही 30 अप्रैल तक ऐसे कनेक्शनों को बंद न करने पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता मुश्ताक पठान ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त व निर्यात जलापूर्ति के चलते इस अभियान की शुरूआत की गई है। 
 
पानी के दुरुपयोग पर वसूला जा रहा है जुर्माना

सहायक अभियंता ने जानकारी दी कि राज्य में बढ़ती गर्मी और जलापूर्ति के चलते विभाग ने सख्ती दिखाते हुए पानी का दुरुपयोग करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए है। सड़कों पर पानी का छिड़काव, पेड़ पौधों में पानी पिलाते पाए जाने और नलों में व्यर्थ पानी बहने की खबर मिलने पर उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पानी का दुरुपयोग करने वालों से भी विभाग 1000 रुपए की वसूली कर रहा है और इसके बाद हर दिन 50 रुपए की पेनल्टी भी वसूल की जाएगी। भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को नियमित रूप से जलापूर्ति करने के लिए अधिकारियों द्वारा निर्देश दिए गए है।

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