Ahar Museum: अहार संग्रहालय उदयपुर के ठीक बीच में स्थित है। यह पर्यटकों को प्राचीन दुनिया की झलक देता है। अगर आप इतिहास प्रेमी हैं तो यह संग्रहालय आपको जरूर आकर्षित करेगा। यह संग्रहालय 4 वीं शताब्दी ईसा पूर्व से बना हुआ है। इस संग्रहालय में आपको मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, धातु के टुकड़े और शिलालेख जैसी कलाकृतियां देखने को मिल जाएंगी। इस लेख में हम पढ़ेंगे की कैसे यह संग्रहालय अहार सभ्यता की समृद्ध विरासत की रक्षा करता है।
प्राचीन कलाकृतियां
इस संग्रहालय में आप 1700 ईसा पूर्व की वास्तुकला की विशेषताओं और मूर्तियों को देख सकते हैं। साथ ही यहां पर दसवीं शताब्दी की एक आकर्षक धातु बुद्ध की आकृति भी प्रदर्शित की गई है।
अहार की संस्कृति
अहार लोग काफी सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक माने जाते हैं। यह संग्रहालय आपको इन प्रथाओं को समझने में मदद करेगा। साथ ही आप यहां पर निर्देशित पर्यटन में भी शामिल हो सकते हैं। आप पारंपरिक शिल्प जैसे मिट्टी के बर्तन और पेंटिंग सीखने वाली कार्यशालाओं में भाग ले सकते हैं। इस संग्रहालय में संगीत और नृत्य प्रदर्शनी, विशेष प्रदर्शनी और विशेषज्ञों के नेतृत्व वाले व्याख्यानों जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी मेजबानी की जाती है। यहां से थोड़ी दूर ही अहार स्मारक भी है जहां पर मेवाड़ के राजाओं की समाधियां हैं जिनमें महाराणा अमर सिंह द्वितीय की समाधि भी शामिल है।
350 साल से भी ज़्यादा पुराना है यह संग्रहालय
अगर आप आर्कियोलॉजी में रुचि रखते हैं तो आपके यहां जरूर जाना चाहिए। 350 साल से भी ज्यादा पुराने इस संग्रहालय में जटिल नक्काशी के साथ 19 संगमरमर की छतरियां है। और हर एक छतरी मेवाड़ के राजा को समर्पित की गई है। यहां महाराणा अमर सिंह, संग्राम सिंह, सज्जन सिंह, फतेह सिंह और अन्य राजाओं की छतरियां देखी जा सकती हैं।