Animal Food Bank: खाने की तलाश में अक्सर वन्यजीव जंगलों से निकलकर आबादी क्षेत्र में आ जाते है। जिसके कारण आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार जानवर लोगों को जान लेवा हमला भी कर देते है। ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने और शाकाहारी वन्यजीवों को जंगल में भोजन देने के लिए वन विभाग की ओर से नई योजना जारी की गई है।
इसके तहत राज्य में पहले बार कोटा शहर में स्पेशल जोन तैयार कि जाएंगा। जो वन्यजीवों के लिए फूड बैंक का काम करेगा। बता दें कि कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र पास लगभग 600 हेक्टेयर में इस ग्रासलैंड को तैयार किया जाएगा। कोटा में यह ग्रासलैंड दरा से किशोर सागर वन क्षेत्र में बनाया जा रहा है।
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जंगलो में अब विलुप्त होते जा रहे है पानी के स्रोत
पिछले कुछ सालों में वनों की कमी के कारण बदलते पर्यावरण व कम बारिश के चलते जंगलों में पूरे साल पानी के स्रोत विलुप्त होते जा रहे है। वन क्षेत्रों में मवेशी की चराई के चलते ग्रासलैंड में भी कमी होती जा रही है। इसकी वजह से हिरनों व अन्य छोटे-छोटे वन्यजीवों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है। जिसकी वजह से शाकाहारी वन्यजीवों पर निर्भर बाघ, पैंथर, जरख और अन्य मांसाहारी वन्य जीवों को भी संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी के कारण वे भोजन और पानी की तलाश में सड़कों और शहर की ओर आते है।
सरकार को भेजे गए है प्रस्ताव
वन विभाग की ओर से राजस्थान सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए कई प्रस्ताव भेजे जा चुके है। वन्यजीवों को जंगल में ही पर्याप्त व पौष्टिक आहार मिल सके इसके लिए वन विभाग द्वारा जंगलों में ग्रासलैंड और वेटलैंड विकसित करने की घोषणा की गई है। कोटा के उपवन संरक्षक अपूर्व कृष्ण श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि कनवास ग्रासलैंड में प्रे-बेस एग्युमेंटेशन एनक्लोजर बनाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्तावित एनक्लोजर में चीतल, हिरण लाकर रखे जाएंगे।