Rajasthan Conversion: राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में पुलिस प्रशासन के काम की देशभर में तारीफ हो रही है। राज्य पुलिस ने अपराधियों पर लगाम लगाकर आपराधिक घटनाओं को लगभग शून्य पर ला दिया है। इसके बाद भी राज्य में धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर काबू पाना राजस्थान पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
हाल ही में इससे जुड़ी कई खबरें आई हैं। इसी बीच बांसवाड़ा के आदिवासी इलाके से कुछ हिंदू लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश का मामला सामने आया है। मामला गढ़ी थाने के परतापुर संतपुरा गांव का बताया जा रहा है। जहां ईसाई धर्म के अनुयायी कुछ हिंदू परिवारों को एक लाख रुपए आदि की मदद का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहा था।
गुपचुप तरीके से धर्म परिवर्तन का चल रहा था खेल
आपको बता दें कि धर्मांतरण का यह काम गुपचुप तरीके से किया जा रहा था। धर्मांतरण का खेल इस तरह से खेला जा रहा था कि पुलिस प्रशासन ही नहीं, बल्कि किसी परिंदे को भी इसकी भनक नहीं लगे। लेकिन विश्व हिंदू परिषद को इसकी जानकारी मिल गई। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और 5 संदिग्ध लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद गांव के पीड़ित लोगों ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। कहा गया है कि जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। मालूम हो कि इसेस कुछ दिन पहले भरतपुर में हिंदू धर्म के कुछ लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही थी। यहां मामला सामने आते ही पुलिस एक्शन में नजर आई थी। पुलिस ने उन पाखंडियों को गिरफ्तार किया था जो लोगों को भड़का कर जबरन धर्म परिवर्तन आदि कराने की कोशिश कर रहे थे।
लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश
इस मामले के पांचों आरोपी सज्जनगढ़ के इटावा इलाके के रहने वाला बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले के सामने आने के बाद मीडिया का ध्यान परतापुर संतपुरा गांव पर है। इसी क्रम में लांबी डूंगरी के मोटा भाई उर्फ शंकर ने मीडिया से बात करते हुए इस घटना से जुड़ी कई अहम बातें बताईं ।
मोटा भाई के मुताबिक, "बीती रात संतपुरा मोहल्ले से एक अजीब सी प्रार्थना की आवाज आ रही थी। जिसका हमारे हिंदू धर्म के देवी-देवताओं से कोई संबंध नहीं था। इस ओर ध्यान देने पर पता चला कि कुछ लोग ईसाई प्रार्थना करवा रहे थे। इसके अलावा वे लोगों को एक लाख रुपये आदि का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे थे। धर्म परिवर्तन के बाद वे सभी को हर महीने कपड़े, पैसे आदि जरूरी सामान मुहैया कराने की बात कह रहे थे।"
ये भी पढ़ें:- भारत में घुसा पाकिस्तानी जासूस: खुफिया एजेंसी के लिए कर रहा काम...भेजा जाएगा वापस, जानिए क्या है पूरा मामला