Rajasthan News: बात जब स्वास्थ्य विभाग में पुख्ता इंतजाम की होगी तो भजनलाल सरकार इस मामले में अव्वल नजर आती है। ठंड की शुरुआत के साथ भी राजस्थान की भजनलाल सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और दुरुस्त करने का काम कर दिया है। इसी कड़ी में मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने एक खास पहल की शुरुआत की है। दरअसल, राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में रामाश्रय वार्ड बनाए गए हैं।
सरकारी अस्पतालों में बनाए गए नए वार्ड विशेष तौर पर बुजुर्गों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। 60 वर्ष से ज्यादा की उम्र के नागरिक वार्ड में पहुंचकर विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में लिए हम आपको राजस्थान सरकार की इस पहल के बारे में विस्तार से बताते हैं।
वरदान साबित हो रहा रामाश्रय वार्ड
राजस्थान सरकार ने बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए एक खास पहल की है। राज्य सरकार की ओर से 'रामाश्रय वार्ड' के रूप में एक विशेष वार्ड की शुरुआत हुई है। सरकारी अस्पतालों के इन वार्डो में 60 वर्ष से अधिक की उम्र वाले नागरिकों के लिए इलाज के पूरे इंतजाम है। बुजुर्गों को इंडोर और आउटडोर जांच के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े इसको देखते हुए इस पहल को हरी झंडी दी गई है।
गंभीर बीमारियों का भी मुफ्त इलाज
राजस्थान सरकार की यह मुहिम बुजुर्गों के लिए वरदान साबित हो रही है। भीषण ठंड के इस मौसम में रामाश्रय वार्ड पहुंचकर बुजुर्ग गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज आसानी से करा पा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अब तक राजस्थान के 11 लाख से अधिक बुजुर्ग रामाश्रय वार्ड में पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें आउटडोर से लेकर इंडोर और फिजियोथैरेपी समेत अन्य जांच कराने वाले बुजुर्गों की संख्या है।
बढ़ती ठंड को देखते हुए भी मरीज की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि रामाश्रय वार्ड में हर दो बेड के बीच ब्लोअर लगाया जाए। इसकी मदद से रामाश्रय वार्ड में भर्ती बुजुर्ग मरीजों को ठंड से बचाया जा सकेगा और वह शीघ्र स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट सकेंगे।
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