Water Supply In Rajasthan: राजस्थान में गर्मी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। अधिकतम तापमान अभी 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच में दर्शा रहा है। जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर समेत सभी जिलों में लोग तपती धूप से परेशान नजर आने शुरू हो चुके हैं। मौके की नजाकत को देखते हुए सरकार भी गर्मी को लेकर अलर्ट हो गई है। पेयजल संकट ना हो इसके लिए भू-जल मंत्री कन्हैयालाल पहले से ही सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने आज बारां कॉलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय बैठक की समीक्षा की है। मंत्री कन्हैयालाल की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बारां, झालावाड़, कोटा समेत अन्य सभी जनपदों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी की जाए।
भीषण गर्मी से पहले अलर्ट हुई भजनलाल सरकार
भजनलाल सरकार राजस्थान में तपती गर्मी को लेकर पहले ही अलर्ट हो गई है। पेयजल संकट की समस्या को समझते हुए सरकार की ओर से पहले ही एहतियात के तौर पर कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज बारां कलेक्ट्रेट सभागार में भू-जल मंत्री कन्हैयालाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है।
रेत से भरे राज्य राजस्थान में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भजनलाल सरकार का स्पष्ट संदेश है कि झालावाड़, कोटा, नागौर, बारां, बांसवाड़ा, जयपुर, डूंगरपुर, जैसलमेर, टोंक, जोधपुर समेत सभी शहरों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति हो। इसके लिए विभाग सभी आवश्यक कदम उठाए।
पेयजल आपूर्ति पर सरकार की बारीक नजर
राजस्थान में पेयजल आपूर्ति पर सरकार की बारीक नजर है। सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जल आपूर्ति विभाग लगातार स्थिति की निगरानी में जुटा है। इससे पहले राजस्थान में तपती गर्मी के बीच जल संकट कई दफा सामने आ चुका है। गर्मी के दिनों में भू-जल स्तर काफी नीचे चला जाता है, जिसके कारण लोगों तक पानी पहुंचना कठिन हो जाता है।
यही वजह है कि सरकार अपने हिस्से की कोशिश कर लोगों तक पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करा रही है। इस वर्ष भी भजनलाल सरकार की पूरी कोशिश है कि राज्य के हर हिस्से में पेयजल की आपूर्ति हो, ताकि किसी भी नागरिक को प्यास से न जूझना पड़े।
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