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Rajasthan Scholarship: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की अंतिम तिथि में बढ़ोतरी की गई है। राजस्थान सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय के बारे में हम आपको जानकारी दे रहे हैं।

Rajasthan Scholarship: शिक्षा जगत का कायाकल्प करने में जुटी भजनलाल सरकार लगातार बड़े फैसले लेकर छात्रों को लाभान्वित करने का काम कर रही है। इस दिशा में छात्रवृत्ति की पहुंच को समाज के अंतिम वर्ग तक पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना कि हर वर्ग छात्रवृत्ति का लाभ ले, सरकार के प्रथम प्राथमिकता है। इसी क्रम में छात्र-छात्राओं की सुविधा और मांग के आधार पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की अंतिम तिथि में बढ़ोतरी की गई है। राजस्थान सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय के बारे में हम आपको जानकारी दे रहे हैं ताकि आप डिटेल जानकर अपना आवेदक से जुड़ा काम झटपट निपटा लें और छात्रवृत्ति का लाभ लें।

छात्रवृत्ति योजनाओं के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में अनुसूचित जाति, जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग एवं भिश्ती समुदाय तथा मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं में राज्य के राजकीय निजी या मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। 

सरकार की ओर से उत्तर मैट्रिक 30 अप्रैल 2025 कर दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि छात्रवृत्ति आवेदन विद्यार्थी के स्तर पर 45 दिनों से अधिक व शिक्षण संस्थानों के स्तर पर 30 दिनों से अधिक लंबित रहता है तो, ऐसे आवेदनों को पोर्टल द्वारा स्वत निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकरण, कोर्स मैपिंग, मान्यता एवं फीस स्ट्रक्चर आदि को अपडेट करने की तिथि 21 अप्रैल सुनिश्चित कर दी गई है। दावा किया जा रहा है कि राजस्थान सरकार के इस कदम से विद्यार्थियों को लाभ होगा और वंचित विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना का लाभ ले सकेंगे।

छात्रवृत्ति शिक्षा का मुख्य आधार

गौरतलब है कि छात्रवृत्ति उन समुदाय से आने वाले बच्चों के लिए शिक्षा का मुख्य आधार है जिनकी आजीविका मजदूरी पर टिकी है। राजस्थान में ऐसा तबका भी है जो प्रतिदिन श्रम कर अपनी आजीविका से जुड़ी आवश्यकताओं को पूर्ण करते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों को पढ़ा पाना सबके बस की बात नहीं होती। यही वजह है कि सरकार छात्रवृत्ति योजनाओं को विस्तार देकर ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखती है, ताकि शिक्षा की लौ समाज के अंतिम तबके तक पहुंच सके।

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