Deeg Palace Rajasthan: पूर्वी राजस्थान में स्थित डीग पैलेस जिसे जल महल भी कहा जाता है एक ऐतिहासिक स्मारक है। भरतपुर के शासको के लिए ग्रीष्मकालीन निवास स्थान रहा यह महल मुगल और राजपूत वास्तुकला का आदर्श मिश्रण है। आईए जानते हैं इस पैलेस की भव्यता के बारे में।
डीग पैलेस का इतिहास
18वीं शताब्दी में इस महल का निर्माण राजा सूरजमल ने करवाया था। यह एक शानदार ग्रीष्मकालीन रिसोर्ट के रूप में बनवाया गया था। हालांकि इसकी रणनीति की स्थिति ने इसे आक्रमणों के लिए असुरक्षित बना दिया था। अपने राज्य की सुरक्षा के लिए राजा सूरजमल ने महल के चारों ओर एक दुर्जेय किला बनवाया था जिसमें विशाल दीवारें और एक गहरी खाई थी। यह पैलेस न केवल अशांत समय के दौरान एक शाही निवास के रूप में कार्य करता था बल्कि 1970 के दशक की शुरुआत तक आबाद रहा है।
डीग महल की भव्यता
महल के प्रवेशद्वार की दीवारों पर पुष्प उत्कीर्ण है। जो पर्यटकों को आकर्षित करती है। पहली मंजिल पर कई खिड़कियों वाली कोटिया है जबकि दूसरी मंजिल पर बारीक में नक्काशीदार खंभों के साथ अंतरंग गलियारे हैं। महल के अंदर कई सुंदर भवन है। जिनका नाम केशव भवन, सूरज भवन, नंद भवन, गोपाल भवन और कृष्ण भवन रखा गया था। इस विशाल परिसर में आपको हरे भरे बगीचे पेड़ और लाल बलुआ के पत्थर वाले फुटपाथ देखने को मिलेंगे जो पारंपरिक शाही विरासत के आकर्षण को जगाती है।
आधुनिक समय का आकर्षण
महाराजा सूरजमल ने ढाई सौ साल पहले लगभग 2000 रंगीन फव्वारे यहां लगवाए थे। इन फव्वारों की खास बात यह है कि यह फव्वारे बिना बिजली या मोटर के चलते हैं। इन फव्वारों को साल में दो बार चालू किया जाता है जिससे आने वाले पर्यटकों की भीड़ उमड़ जाती है ।
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कैसे जाएं
शुक्रवार को छोड़कर आप यहां पर सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम के 5:00 तक कभी भी जा सकते हैं। भारतीय आगंतुकों के लिए ₹25 और विदेशी मेहमानों के लिए ₹300 प्रवेश शुल्क है। यह आगरा से सिर्फ 2 घंटे की ड्राइव और दिल्ली या जयपुर से लगभग 4 घंटे की दूरी पर स्थित है।