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Drinking Water Crisis: प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों पर पेयजल की समस्या हो रही है। 69,639 केंद्रों में से 39,342 केंद्रों तक ही जलापूर्ति हो रही है। बाकी कईं जिलों की हालत बहुत ही गंभीर है।

Rajasthan Anganwadi Water Scarcity: राजस्थान में आंगनवाड़ी केंदों में नलों से जलापूर्ति की जा रही है। यह कार्य प्रदेश के जलजीवन मिशन के तहत चल रहा है। लेकिन इस कार्य की स्पीड बहुत धीमी है। अब तक प्रदेश के 69,639 आंगनवाड़ी केंद्रों में से केवल 39,342 केंद्रों तक ही जलापूर्ति का कार्य हुआ है। जिससे अब तक केवल 56.49% आंगनवाड़ी केंदों में पानी की पहुंच मिल पा रही है। अभी कईं केंद्रों तक पानी की पहुंच बाकी रह गई है। 

आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पानी की पहुंच हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है। राजस्थान में गर्मियों के मौसम में गर्मी बहुत अधिक पड़ती है। जिसके कारण आंगनवाड़ी केंद्रों पर पानी की बहुत जरूरत होती है। अगर यह पानी की कमी पूरी न की जाए तो, बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी शिक्षा पर गलत प्रभाव पड़ता है। पानी की उपलब्धता न होने के कारण बच्चों को पानी के लिए कईं परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

कहीं सुधार तो कहीं स्थिति खराब

सरकार के लिए भी आंगनवाड़ी में स्वच्छ पेयजल पहुंचना एक चुनौती बना हुआ है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी जलापूर्ति अच्छे से नहीं हो पा रही है। जल जीवन मिशन के तहत योजना की गति बहुत धीमी है, जिससे प्रदेश में जल संकट बढ़ने की आशंका है। प्रदेश सरकार को इस जलापूर्ति की समस्या का समाधान जल्द से जल्द करना होगा, जिससे मिशन का उद्देश्य भी पूरा हो सके और बच्चों को स्वच्छ जल मिल सके। राज्य के कईं इलाकों में तो जलापूर्ति की समस्या दूर हो गई है, लेकिन कुछ इलाके अभी भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। जैसे कि अनूपगढ़ में 100% आंगनवाड़ी में जलापूर्ति की समस्या खत्म हो चुकी है। साथ ही बारां, चुरु और डीडवाना कुचामन में भी पेयजल की पहुंच सही है। 

ये जिलों को पानी नहीं मिल रहा

इस सबके अलावा प्रदेश के कुछ इलाके ऐसे भी हैं, जहां पर हालात बहुत की गंभीर बने हुए हैं। जैसे उदयपुर, नागौर, अजमेर, जोधपुर, जयपुर और बाड़मेर जिलों में जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है। इन जिलों के आंगनवाड़ी केंद्रों पर 50% से भी कम पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। केंद्रों को जलापूर्ति के लिए सरकार को युद्धस्तर पर कार्य करना पड़ेगा। जिससे आने वाली गर्मियों में बच्चों को पीने का साफ पानी मिल सके। पानी की कमी होने के कारण बच्चों को डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। बच्चों को शिक्षा की समस्या भी हो रही है। महिलाओं को भी पानी की कमी से परेशानी हो रही है। 

क्या कहते हैं अधिकारी

दुर्गासिंह उदावत (उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, नागौर) ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर जलापूर्ति का कार्य चल रहा है। सभी गांवों को योजना से जोड़ने की कवायद चल रही है। अभी कईं आंगनवाड़ी केंद्र इस योजना में नहीं जुड़ पाए हैं। फिर भी हमने सब जगह पानी की व्यवस्था की हुई है।

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