Rajasthan Agricultural Policy: राजस्थान सरकार किसानों के लिए एक तोहफा लेकर आई है। प्रदेश का कृषि विभाग फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों की कांटेदार या चैनलिंक तारबंदी कराने के लिए किसानों को अनुदान उपलब्ध करा रहा है। कृषि आयुक्तालय जयपुर ने साल 2025-26 के लिए तारबंदी योजना के लिए निर्देश दिए है। तारबंदी के लिए पहले 1.5 हेक्टेयर भूमि की ही जरूरत होती थी। अब विभाग इसे शिथिल करने के लिए व्यक्तिगत एवं समूह में तारबंदी करवाने वाले किसानों को 2 बीघा यानी 0.5 हेक्टेयर भूमि होने पर उन्हें पात्र माना जा रहा है। शहर के सभी सहायक कृषि अधिकारी और कृषि पर्यवेक्षकों को क्षेत्र के सभी पात्र एवं इच्छुक किसानों को तारबंदी योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
कितना मिलेगा अनुदान
अशोक कुमार मीना (सहायक निदेशक कृषि) बताते हैं कि किसानों की भागीदारी को कांटेदार या तारबंदी योजना में बढ़ाने के लिए समूह में कम से कम 10 किसान साथ मिलकर 20 बीघा या 5 हेक्टेयर भूमि में तारबंदी कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को 70 प्रतिशत अनुदान राशि के अनुसार हर एक किसान को अधिकतम 400 रनिंग मीटर लंबाई पर 56,000 की राशि दी जाएगी। व्यक्तिगत या समूह में एक ही जगह पेरीफेरी में कम से कम 2 बीघा या 0.5 हेक्टेयर जमीन पर तारबंदी करवाने पर लघु सीमांत किसानों को हर एक किसान को अधिकतम 400 रनिंग मीटर लंबाई पर अधिकतम 48,000 रुपए एवं सामान्य किसानों की 40,000 रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
होगा ऑनलाइन आवेदन
योजना का हिस्सा बनने की चाह रखने वाले इच्छुक पात्र किसान प्रस्तावित भूमि की पेरीफेरी का नवीन प्रमाणित संयुक्त नक्शा ट्रेस और जमाबंदी एवं जनाधार कार्ड, साथ ही लघु सीमांत प्रमाण पत्र लेकर नजदीकी ई मित्र केंद्र या राज्य किसान साथी पोर्टल पर खुद ही अपना आवेदन कर सकते हैं। जो पहले आएगा वो पहले पाएगा के आधार पर पत्रो की प्राथमिकता से प्रशासनिक स्वीकृति दी जा सकती है। तारबंदी योजना के व्यय की समस्त जानकारी किसानों को दी जाएगी। अनुदान राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डाली जाएगी।
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