Rajasthan government: लगभग 25 साल पहले राजस्थान में को-ऑपरेटिव कोड लागू किया गया था। अब सहकारी संस्थाओं के संचालन को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार की और से नया को-ऑपरेटिव कोड लागू किया जाएगा। प्रदेश के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने मंगलवार को विधानसभा में इसके संबंध में जानकारी दी। साथ ही अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि प्रदेश में उचित मूल्य की 300 नई दुकानें खोलने का आदेश दिया जा चुका है।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में 6781 सहकारी समितियों का कम्प्यूटराइजेशन भी किया गया है। संपत्ति और अन्य रिकॉर्ड को भी ऑनलाइन मोड के माध्यम से किया जा रहा है। साल 2023-24 में राज्य के किसानों पर डाले गए अतिरिक्त वित्तीय भार की भी जांच की जा रही है। जांच में संलिप्तता पाए जाने पर दोषी अधिकारी व बीमा कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उचित मूल्य पर खोली जाएंगी 300 नई दुकानें
अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि प्रदेश में उचित मूल्य की 300 नई दुकानें खोलने का आदेश दिया जा चुका है। साथ ही निरस्त हो चुकी दुकानों की जगह पर 6 महीने के अंदर नई दुकानें भी जल्द खोली जाएंगी। इसके अलावा राशन की 5 हजार दुकानों में अन्नापूर्णा भंडार खोलने का भी आदेश दिया गया है।
इस दौरान उन्होंने बताया कि गिवअप अभियान के तहत अब तक 13 लाख 58 हजार 498 सक्षम लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवा लिया है। इससे राज्य सरकार पर कुल 246 करोड़ वित्तीय भार कम हुआ है। पात्र लोगों को इस योजना से लगातार जोड़ा जा रहा है। साथ ही लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी की आखिरी तिथि 31 मार्च है, इसे अब विभाग की ओर से आगे नहीं बढाया जाएगा। चर्चा होने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामलात विभाग की ओर से 9 अरब 78 करोड़ 68 लाख 64 हजार रुपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं।