Rajasthan High level bridge: राजस्थान के टोंक जिले के पास स्थित बनास नदी पर बन रहे हाई लेवल ब्रिज का निर्माण कार्य इस माह पूरा हो जाएगा। इस पुल से शहर के आस-पास के दर्जनों गांवों के लोगों को टोंक जाने आने के लिए 25 किलोमीटर का रास्ता नहीं नापना पड़ेगा। बता दें कि पिछले तीन माह से यह निर्माण कार्य चल रहा है।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस माह से इस पुल पर आवागमन शुरू हो जाएगा। साथ ही जिले के तीन उपखंड के दर्जनों गांव वालों की उम्मीद इससे जुड़ी हुई है। बारिश के मौसम में इन सभी गांवों का संपर्क टोंक जिला मुख्यालय से कट जाता है, जिसकी वजह से लोगों को 25 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है।
इन गांवों को होगा फायदा
इस हाई ब्रिज के निर्माण से टोंक शहर से धोली, कंडीला, कलमण्डा, नानेर, जंवाली, मालपुरा, डिग्गी, पीपलू समेत अन्य गांवों का सीधा संपर्क शहर से हो जाएगा। साथ ही लोगों को अब 25 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
टूट जाता है दर्जनों गांव का संपर्क
बरसात के समय बनास नदी में पानी का आवक होने के कारण और बीसलपुर बांध का गेट खुल जाने के कारण लगभग दो से तीन महीने तक दर्जनों गांव का संपर्क शहर से टूट जाता है। लेकिन अब पुल बन जाने के बाद आमजन को आवागमन की समस्या से निजात मिल सकेगा।
बता दें कि बांध के निर्माण के बाद से बनास नदी गहलोद रपट पर 8 फीट पानी भरने की संभावना होती है। जिसके चलते लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस हाई लेवल ब्रिज के बाद से आमजन की यह समस्या भी दूर हो जाएगी।
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3 किमी लंबा हाई लेवल ब्रिज
कुल 3.335 किमी लंबे इस हाई लेवल ब्रिज की लंबाई कुल 2 किमी होगी। साथ ही एप्रोचेज की लंबाई 1.335 किमी होगी। इसमें कुल 45 पाइल केप और 250 गार्डर का निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लगभग 10 साल तक पुल का रख-रखाव और देखभार का कार्य निर्माण करने वाली कंपनी की जिम्मेदारी होगी।
इस माह तक पूरा होने की उम्मीद
उम्मीद है कि इस महीने तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल 4 स्लैब पर छत कार्य बाकी है। साथ ही शहर के कुछ इलाकों में सड़क निर्माण का कार्य भी बाकी है। पुल से टोंक जाने वाली सड़क का मुआवजा दिया जा चुका है।
134.74 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए इस बनास नदी गहलोद हाई लेवल ब्रिज का निर्माण कार्य 8 नवम्बर 2021 को शुरू हुआ था जिसे मई 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन संबंधित फर्म की ओर से की गई देरी के कारण इसे आगे बढ़ाया गया।