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Saras Lado Mayra Scheme: सरस डेयरी मायरा योजना 5 अप्रैल से शुरू की जाएगी। जयपुर डेयरी की स्थापना के 50 साल पूरे होने पर यह योजना लाई जा रही है। जिसमें दुग्ध उत्पादकों की बेटियों की शादी में जयपुर डेयरी की तरफ से मायरा भरा जाएगा। इस योजना के तहत बेटियों की शादी में 21000 रुपए का मायरा भरा जाएगा। आईए जानते हैं इस योजना का लाभ किन किसानों को मिलेगा?

Saras Lado Mayra Yojna: किसी भी देश या राज्य की सबसे मजबूत इकाई होती है, उस क्षेत्र का प्रगतिशील और सशक्त किसान। अब राजस्थान के जयपुर डेयरी किसानों को सशक्त बनाने के लिए 5 अप्रैल से सरस लाडो मायरा योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना की शुरुआत के साथ ही जयपुर डेयरी की तरफ से बेटियों की शादी में मायरा भरा जाएगा। वही इस योजना की शुरुआत करने का उद्देश्य यह है कि समाज में बाल विवाह रुके और बच्चियों के जन्म को बढ़ावा मिले। इस योजना के तहत बेटी की शादी पर 21 हजार रुपए का मायरा भरा जाएगा। इस योजना की शुरुआत से करीब 1.50 लाख रजिस्टर्ड दुग्ध उत्पादकों यानि किसानों को फायदा मिलेगा।

जयपुर डेयरी की स्थापना के 50 साल हुए पूरे

बता दें की राजस्थान के किसानों के सशक्त होने में यह योजना बेहद कारगर साबित होगी। जबकि इस योजना का उद्देश्य बच्चियों के जन्म में वृद्धि और बाल विवाह ना हो, इसके लिए शुरुआत की गई है। वहीं यह योजना जयपुर डेयरी की स्थापना के 50 साल पूरे होने पर लाई जा रही है। जयपुर डेयरी की शुरुआत में इससे 13 दुग्ध समितियां जुड़ी थीं। जो धीरे- धीरे बढ़कर 4 हजार तक पहुंच गई हैं। आज यह डेयरी उत्तर राजस्थान की सबसे बड़ी डेयरी बनी है।

किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?

इसके साथ ही इस योजना का लाभ उस दुग्ध उत्पादक को मिलेगा, जो जयपुर डेयरी की रजिस्टर्ड समिति से पिछले 5 साल से लगातार जुड़ा है। इसके साथ ही जयपुर डेयरी को साल भर में कम से कम 300 लीटर दूध बेचा करता है। उस दुग्ध उत्पादक को शादी से 1 माह पहले जोन ऑफिस में आवेदन करना होगा। 

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क्या है इस योजना का उद्देश्य?

जयपुर डेयरी के एमडी मनीष फौजदार ने कहा है कि दुग्ध उत्पादकों का ध्यान रखते हुए, इनकी बच्चियों की शादी में संबल प्रदान करेगा यह योजना। इसी उद्देश्य के साथ सरस लाडो मायरा योजना लॉन्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चियों के जन्म को बढ़ावा देकर लिंगानुपात को बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के तहत 21 हजार रुपए का मायरा भरने का प्रावधान रखा है। इसमें एक दुग्ध उत्पादक के परिवार की दो ही बच्चियों को लाभ दिया जाएगा। 

 क्या होता है मायरा ?

आपको बता दें की बहन के बच्चों की शादी होने पर ननिहाल पक्ष की ओर से मायरा भरा जाता है। इस मायरा भरने की रस्म को भात भी कहते हैं। मायरा भरने की रस्म में ननिहाल पक्ष की ओर से बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, रुपए और अन्य कई सामान दिया जाता है। 

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