rajasthanone Logo
Jaipur News: जयपुर के बिजली संकट को दूर करने के लिए एक‌ ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। दरअसल नगर निगम अब वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का इस्तेमाल कर के हर महिने 84 लाख यूनिट बना रहा है।

Jaipur News:  भीषण गर्मी के महीने में बिजली की कमी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जयपुर नगर निगम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शहर में अब हर महीने कचरे से 84 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन कर रहा है। आईए जानते हैं पूरी बात।

वेस्ट टू एनर्जी प्लांट

20 फरवरी से नगर निगम लांगडियावास में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का संचालन शुरू हो चुका है। इस प्लांट में दैनिक कचरे को सौर ऊर्जा में परिवर्तन किया जाता है जिससे प्रति घंटे लगातार 10000 यूनिट बिजली मिलती है। पूरे दिन की अगर बात करें तो यह प्लांट 2.4 लाख यूनिट प्रतिदिन बिजली बनाता है। जयपुर डिस्कॉम को 7.3 रुपए प्रति यूनिट पर बिजली बेची जा रही है‌। इससे नेटवर्क बिजली की पूर्ति होगी बल्कि वेस्ट मटेरियल को इस्तेमाल करने के बाद हरित भविष्य के मार्ग भी खुलेंगे।

कचरे का सही इस्तेमाल 

इस प्लांट में प्रतिदिन लगभग 800 मेट्रिक टन कचरे का इस्तेमाल होता है। हेरीटेज कॉरपोरेशन द्वारा इसमें 600 मैट्रिक टन और ग्रेटर कॉरपोरेशन द्वारा 200 से लेकर ढाई सौ मेट्रिक टन का योगदान दिया जाता है। इसी के साथ नगर निगम प्रोसैस्ड कचरे के प्रति टन 566 रुपए तक अच्छा लाभ कमाता है।

पर्यावरण के साथ आर्थिक लाभ 

कचरे से ऊर्जा बनाने वाले प्लांट के संचालन के कई लाभ हैं। सबसे पहले तो ऊर्जा की आवश्यकताओं का प्रबंध हो चुका है। अब जयपुर को गर्मियों में बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसी के साथ यह प्लांट कचरे की मात्रा को कम करने में भी मदद करता है। इससे पर्यावरण को बचाने में काफी सहायता मिलती है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इससे नगर पालिका के राजस्व में ही योगदान मिल रहा है‌।

ये भी पढ़ें:- Rajasthan Highway: राजस्थान और हरियाणा को जोड़ेगा यह हाईवे, इन जिलों में किया जाएगा निर्माण...आमजन को होगा फायदा

5379487