Meena Mahapanchayat: व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने और समाज के सुधार के लिए मीणा समाज के लिए कई बड़े फैसले लिए गए है। इसके लिए राजस्थान के दौसा जिले के महवा के समलेटी स्थित मीनेष भगवान मंदिर में आदिवासी मीणा सेवा संघ के द्वारा महापंचायत का आयोजन किया गया।
इन फैसलों का करना होगा पालन
1. समाज द्वारा लड़की की गोद भराई की रस्म को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया गया है।
2. टीका प्रथा के दौरान केवल सीमित लोग ही पहुंचेंगे।
3. शादियां दिन में ही आयोजित की जाएंगी।
4. जन्मदिन मनाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है।
5. दूल्हे की निकासी, पैदल यात्राएं, घोड़ी चढ़ाई और कुआं पूजन के दौरान डीजे पर रोक लगाई गई है।
6. शादियों में निमंत्रण पत्र केवल सोशल मीडिया और फोन के माध्यम से भेजे जाएंगे घर पर पहुंचाने के लिए पाबंदी लगाई गई है।
7. भैया दूज मनाने पर भी रोक लगाई गई है।
8. सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो और रील पोस्ट करने या शेयर करने पर कार्रवाई की जाएगी।
9. यदि किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उस दिन संबंधित व्यक्ति एक धोती लेकर पहुंचेगा।
10. किसी बेटी या बहन की शादी के दौरान होने वाली भात पहरानवी रस्म के समय भाइयों को नारियल या बताशे नहीं दिए जाएंगे।
11. शादी में तोरण के दौरान आतिशबाजी पर रोक लगाई गई है।
12. समाज में आयोजित होने वाले अंधविश्वास यज्ञ, पैदल यात्राएं और भंडारों पर भी पूरे तरीके से पाबांदी लगाई गई है।
13. युवा पीढ़ी को किसी भी प्रकार के नशे करने पर प्रतिबंध रहेगा।
14. गंगा स्नान के दौरान बहन बेटियों की पहरावनी पर भी प्रतिबंध रहेगा।
15. लड़की पक्की करने पर पहुंचे बेटा पक्ष वालों को अपने बेटे के साथ घरों के अलावा किसी अलग जाकर बात करनी होगी। जब लड़का लड़की एक दूसरे से राजी होगें तब उनके साथ एक महिला और एक पुरूष पहुंचेंगे।
ये भी पढ़ें:- Mahakumbh 2025: राजस्थान के इस जिले से प्रयागराज के लिए चलेगी फ्री बसें, खाना पीना और रहना भी होगा मुफ्त