rajasthanone Logo
Rajasthan Resources: राजस्थान की धरती भले ही खेती के लिए उतनी उपयुक्त नहीं होती है, जितनी की गंगा के मैदानों की हैं, लेकिन राजस्थान की मिट्टी खनिज संसाधनों के मामले में बहुत धनी है।

Rajasthan Resources: किसी भी राज्य में अगर खनिज संसाधनों की उपलब्धता होती है, तो यह उस राज्य के लिए अर्थव्यवस्था की दृष्टिकोण से संपन्नता का संकेत होता है। राजस्थान भी भारत के उन्हीं राज्यों में से एक है, जहां खनिज संसाधनों की उपलब्धता प्रचुर मात्रा में है। अगर बात की जाए राजस्थान में मिलने वाले खनिज संसाधनों की, तो यहां पर चांदी के साथ-साथ जस्ता, जिप्सम, कोयला और पत्थर जैसे बहुत से खनिजों का खजाना है। आइए जानते हैं राजस्थान के विभिन्न इलाकों में मिलने वाले खनिजों के बारे में।

जस्ता:

राजस्थान का खनिज भंडार बहुत बड़ा है। यहां के प्रमुख खनिजों में जस्ता, चांदी, जिप्सम और संगमरमर शामिल हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि राजस्थान में जस्ता का उत्पादन देशभर में सबसे ज्यादा होता है। अगर बात की जाए उत्पादन करने वाले क्षेत्र की, तो उदयपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिले जस्ता के उत्पादन के लिए जाने जाते हैं।

चांदी:

भारत के लोगों का आभूषणों की तरफ रुझान कोई नई बात नहीं है। ऐसे में राजस्थान में चांदी जैसे खनिज का भंडार होना राज्य को आर्थिक रूप से संपन्न बनाता है। राजस्थान में चांदी का उत्पादन बहुत ही बड़े पैमाने पर होता है। राजस्थान के झालावाड़ और उदयपुर चांदी के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जिप्सम:

जिप्सम एक ऐसा खनिज है, जिसका इस्तेमाल सीमेंट निर्माण, निर्माण कार्य और अन्य उद्योगों में बहुत ही बड़े पैमाने पर होता है। राजस्थान में जिप्सम का भी अपार भंडार है, खासकर नागौर, अजमेर और पाली जिले में जिप्सम के बड़े भंडार हैं। राजस्थान का जिप्सम न केवल अपने राज्य को समृद्ध करता है, बल्कि संपूर्ण देश के निर्माण की क्षमता को भी बढ़ाने का कार्य करता है।

संगमरमर:

राजस्थान में पत्थरों और चट्टानों की अत्यधिक उपलब्धता है, खासकर संगमरमर और अन्य लाल बालू में पत्थर के यहां विशाल भंडार मौजूद हैं। विशेष रूप से अगर बात की जाए तो उदयपुर और जोधपुर के आसपास के क्षेत्र संगमरमर के खनन के लिए जाने जाते हैं। राजस्थान से यह पत्थर बड़े पैमाने पर देश-विदेश में एक्सपोर्ट किया जाता है।

राजस्थानी संगमरमर की गुणवत्ता बहुत अधिक अच्छी होती है, साथ ही साथ यहां रंगों की वैराइटी भी मौजूद है। उत्तर भारत में मुग़ल काल के जितने भी ऐतिहासिक स्थल हैं, उनमें से अधिकतर ऐतिहासिक स्थलों में राजस्थान से मंगवाए गए संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है। इसका अर्थ यह है कि राजस्थान सदियों से संगमरमर का निर्यात करता आया है।

5379487