Rajasthan News: राजस्थान के विभिन्न जेलों से आए दिन खबरें आती हैं कि फ़ोन या फिर अन्य कोई प्रतिबंधित चीज़ पकड़ गई है। यही नहीं कई बार तो जेल से ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी है। इसी को देखते हुए जेल प्रशासन अब एक्शन में नज़र आ रहा है, इस समस्या से निपटने के लिए जेल प्रशासन ने अनोखा उपाय भी खोज निकाला है।
डीजी ने निकाला आदेश
डीजी गोविंद गुप्ता ने एक आदेश जारी किया है जिसके अनुसार प्रहरी और मुख्य प्रहरी या फिर अन्य जेल कर्मियों को अवैध गतिविधियों को जानकारी होती है पर किसी कारण वश उस पर कार्यवाही नहीं हो पाती। जेल डीजी गोविंद गुप्ता का कहना है कि जेल में प्रतिबंधित सामान की जानकारी देने वाले को विशेष इनाम दिया जाएगा साथ ही उन्हें प्रमोशन भी दिया जाएगा। इन सामग्रियों में मोबाइल, रिवॉल्वर, छुरा, गांजा, स्मैक आदि हो सकती हैं।
जेल प्रभारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ी
अब जेल में मिलने वाले प्रतिबंधित समान को लेकर नया निर्देश जारी किया गया है। डीजी का कहना है कि भविष्य में कभी जेल में प्रतिबंधित सामान मिला तो इसके लिए जेल प्रभारी जिम्मेदार माना जाएगा। उसी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। जेल प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि वह समय समय पर जेल में तलाशी अभियान चलाकर प्रतिबंधित सामान को जब्त करे। प्रतिबंधित सामान जेल के अंदर तक पहुंचाने में संलिप्त कर्मचारियों की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित करे।
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मोबाइल फ़ोन में लगेगा पूर्ण प्रतिबंध
जेल डीजी गोविंद गुप्ता के अनुसार आगामी दिनों में जेल में मोबाइल फ़ोन का पूर्ण प्रतिबंध लगने वाला है। इसको लेकर सरकार नया सिस्टम डेवलप करने जा रही है। इसके बजट को राज्य सरकार से स्वीकृति भी मिल गई है। जेल में प्रतिबंधित समान मिलने के कारण प्रदेश के दो जेल प्रहरी को बर्खास्त किया गया है जबकि एक को सस्पेंड किया गया है।