Rajasthan news : शहरों में साफ सफाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी कचरा प्रबंधन में राजस्थान के दो शहरों को चुना गया जिसमें जयपुर और उदयपुर शामिल है।
एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 12वें क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम की बैठक जयपुर में स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में हुई। इस दौरान केंद्र सरकार के कार्यक्रम सिटी इंवेस्टमेंट्स टू इनोवेट इंटीग्रेट एंड सस्टेन (सिटीज) 2.0 के लिए देश भर के 18 शहरों के एमओयू साइन हुए जिसमें राजस्थान के भी दो शहर शामिल थे। जी हां इसके लिए जयपुर और उदयपुर को भी सिलेक्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत हर शहर को 100 करोड़ की राशि आवंटित की गई है।
जयपुर और उदयपुर के अलावा देश के ये शहर भी शामिल
मुजफ्फरपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम,मदुराई,बेलागावी, राजकोट, बिलासपुर, उज्जैन, जबलपुर,आगरा, अगरतला,न्यू टाउन कोलकाता,पणजी,थंजावुर,श्रीनगर और बरेली को शामिल किया गया है।
स्वक्षता की नई पहल,अब जमीन पर नहीं गिरेगा कचड़ा
इस पहल के तहत जयपुर में तीन प्रोजेक्ट लाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत तीन जगहों का निर्धारण किया गया है। अभी के समय जयपुर से हर रोज 2100 टन कचरा निकलता है। इस कचरे को डंपिंग यार्ड से फीलिंग साइड तक पहुंचाया जा रहा है। आगामी समय में इन तीनों प्रोजेक्ट के तहत 900 टन हर रोज कचरा रीसायकल किया जाएगा। अभी के समय 200 टन ही कचरा रीसायकल करने की क्षमता है।
खुले वाहनों से कचरा ढोने पर मनाही
वर्तमान समय में घरों से कचरा एकत्रित कर उसे डंपिंग यार्ड तक लाया जाता है। उसके बाद सभी प्रकार के कचरे को अलग किया जाता है। यहां से इन कचरो को लोड कर वाहनों के जरिए फीलिंग साइट तक पहुंचाया जाता है। इस दौरान वाहन खुले होने के कारण कचड़ा रोड पर फैल जाता है। नए प्रोजेक्ट के तहत अब कचड़े को बंद वाहनों से ढोने का काम किया जाएगा। जिससे सड़क भी साफ नजर आएंगे।
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