Nag Kund Pushkar: राजस्थान का पुष्कर अपने धार्मिक महत्व बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। हरे भरे पहाड़ों से घिरा पुष्कर पर्यटकों का मन खूब मोहता है। ऐसे ही एक पहाड़ यहां पर स्थित है जिसका नाम है नाग पहाड़। यह पहाड़ अजमेर और पुष्कर के बीच एक विभाजन रेखा के रूप में काम करता है। आईए जानते क्या है यहां की खास बात।
नागों का दिव्य निवास
नाग पहाड़ को नाग देवताओं के निवास स्थान के रूप में भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर हजारों दुर्लभ और पूजनीय नाग रहते हैं। कहां जाता है कि पांडव वनवास के दौरान नाग पहाड़ के बीचों बीच स्थित नाग कुंड के पास रहते थे। आज भी पुष्कर और उसके आसपास के लोगों को जब भी कोई सर्प दिखाई देता है तो स्थानीय लोगों उसे सावधानी से पकड़ कर छोड़ देते हैं।
नाग कुंड
नाग पंचमी के दौरान नाग पहाड़ के तलहटी में बना हुआ है नाग कुंड भक्तों से भर जाता है। दूर-दूर से भक्त पूजा और अनुष्ठान शुद्धि के लिए यहां पर इकट्ठा होते हैं। ऐसी मान्यता है कि नाग पंचमी वाले दिन नाग कुंड में डुबकी लगाने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। कालसर्प दोषी ऐसा ज्योतिषीय दोष है जो किसी के भी भाग्य को प्रभावित करने वाला माना जाता है।
हर साल नाग पंचमी के दौरान नाग मंदिर और नागौर कुंड के आसपास का इलाका उत्सव से भर जाता है। यहां पर लोग सुबह से ही अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए स्थित हो जाते हैं। अगर आप कभी पुष्कर जाएं तो नाग पहाड़ी पर जाना ना भूलें।