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National Startup Day 2025: स्टार्टअप को मूर्तरूप देने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। पिछले 5 सालों में तो राजस्थान की महिलाशक्ति ने इन नवाचारों में 5 गुना योगदान दिया है।

National Startup Day 2025: नए विचारों को स्टार्टअप का मूर्तरूप देने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। इसमें भी महिला स्टार्टअप की भागीदारी तो तेजी से बढ़कर सामने आई है। पिछले 5 सालों में तो राजस्थान की इस महिला शक्ति ने तो पुरुषों के मुकाबले नवाचार करने में लगभग 5 गुना अधिक तेजी से आगे बढ़कर अप्रत्याशित योगदान दिया है।

5 साल में 5 गुना सहभागिता

राजस्थान की महिलाओं की नवाचार में भागीदारी विगत में 5 वर्षों में अप्रत्याशित रूप से लगभग 5 गुना बढ़ गई है। 2020 में राजस्थान में महिला निदेशक वाले स्टार्टअप्स की संख्या मात्र 205 थी, तो 2024 आते-आते यह संख्या 960 को पार कर गई। महिला उद्यमियों के इस तेजी से बढ़ते ग्राफ ने राजस्थान को पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था से औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ने में महिलाओं ने एक नई राह दिखा दी है।

बता दें वर्ष 2021 में राजस्थान में प्रौद्योगिकी आधारित महिला नेतृत्व वाले मात्र 77 तकनीकी स्टार्टअप थे तो 31 अक्टूबर 2024 तक यह संख्या 135 तक पहुंच गई। मान्यता प्राप्त ऐसे स्टार्टअप में राजस्थान अब 8 स्थान पर पहुंच गया है जहां महिला निदेशक वाले स्टार्टअप हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर भी भागीदारी हुई बराबर

राजस्थान ही नहीं महिलाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर भी 2024 में नवाचार में महिला उद्यमिता ने पुरुषों की बराबरी प्राप्त कर ली है। स्टार्टअप इंडिया अभियान के तहत मान्यता प्राप्त कुल 1.5 लाख स्टार्टअप में से लगभग 75 हजार स्टार्टअप की बराबरी महिला शक्ति ने कर ली है। उद्योग एवं व्यापारिक संवर्धन विभाग(डीपीआईआईटी) की स्टार्ट इंडिया पहल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य तथा आईटी सेवाओं में महिलाओं के स्टार्टअप की सबसे अधिक भागीदारी रही है। वहीं निर्माण, कृषि तथा शिक्षा के क्षेत्रों में भी महिलाएं लीडरशिप की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।  

छलांग के पीछे की वजह

महिलाओं की इस सफलता ने राजस्थान की सांस्कृतिक सोच में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है, जहां कभी बेटी का पैदा होना बोझ समझा जाता था। शिक्षा और आत्मनिर्भर उद्यमी होना तो कपोल कल्पना मात्र थी। किंतु नवाचार में राजस्थानी महिला शक्ति की इस छलांग ने दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रोपॉलिटन सिटी की सशक्त महिलाओं की बराबरी में लाकर राजस्थान को खड़ा कर दिया। इसका कारण परिवारों के द्वारा उच्च शिक्षा की ओर बेटियों को बढ़ाने की प्राथमिकता ने उन्हें नया करने और सोचने की खुली उड़ान दी है।  

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