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Bhajanlal Sharma: राजस्थान में खनन माफिया पर लगाम लगाने के लिए सरकार की ओर से हुए 1 जुलाई से नया नियम लागू किया जाएगा, जिसके मुताबिक अब केवल जीपीएस एवं टैग लगे वाहन ही बजरी या अन्य खनिज का परिवहन कर सकेंगे।

Bhajanlal Sharma: राजस्थान सरकार ने प्रदेश के खनन माफिया पर सख्ती दिखाते हुए 1 जुलाई से नया नियम लागू करने का फैसला लिया है। नए नियम के अनुसार अब केवल जीपीएस एवं टैग लगे वाहन ही बजरी या अन्य खनिज का परिवहन कर सकेंगे। साथ ही बिना व्हीकल लोकेशन डिवाइस और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सिस्टम के वाहनों का ई-रवन्ना नहीं काटा जाएगा। 
 
विभाग के पास होगी वाहन की लोकेशन 
खन्न विभाग के अतिरिक्त निदेशक पुष्कर राज आमेटा की ओर से सभी अभियंताओं को परिवहन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाने के आदेश दिए गए है। सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेकिंग सिस्टम (ईटीएस) से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की लोकेशन और जानकारी खनन विभाग के पास रहेगी। 

साथ ही विभाग के पास इस बात की जानकारी होगी कि खनिज किसी लीज इलाके से भरा गया है या फिर नहीं। इसके अलावा वाहन किस रूट से खनिज लेकर जा रहा है यह भी देखा जा सकेगा। खनिज परिवहन रजिस्टर्ड वाहनों से ही होगा, जिसके लिए सरकार की ओर से कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगें।  

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ट्रांजिट पास बंद कर ई-वे बिल लागू किया जाएगा
खनिज परिवहन के लिए सरकार ने ट्रांजिट पास को बंद कर दिया है और ई-वे बिल को लागू कर दिया है। धौलपुर के खनिज अभियंता पुष्पेन्द्र मीणा ने बताया कि राजस्थान सरकार ने खनिज का अवैध परिवहन रोकने के लिए वाहनों पर जीपीएस सिस्टम और टैग लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस नई व्यवस्था से प्रदेश के खनिज का अवैध परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस नए नियम को 1 जुलाई से लागू किया जाएंगा। 
 
विभाग के पास होगा वाहनों का डाटा
जानकारी के मुताबिक धर्मकांटा को भी सरकार खान विभाग के ई-रवन्ना पोर्टल से जोड़ सकती है। इससे विभाग के पास सभी वाहनों का डाटा एक जगह रहेगा। बता दें कि बिना वैध ई-रवन्ना व तय मार्ग से अन्यत्र मार्ग पर जाने वाले वाहनों को भी इस नियम के तहत अवैध माना जाएगा। वाहनों पर जीपीएस ना होने या फिर आगे-पीछे स्पष्ट नंबर नहीं होने पर खनिज देने वाले स्टोन क्रेशर, स्क्रीनिंग प्लांट, रिटेल भंडारी कर्ता और अनुज्ञाधारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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