JDA: राजस्थान की पिंक सिटी में अब जमीनों की खरीदने और बेचने में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत एक ही क्लिक में जेडीए सीमा क्षेत्र में आने वाले इलाकों में कौन सा भूखंड किसके नाम है और पहले किसके पास था, इससे जुड़ी सभी जानकारी जेडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। साथ ही जेडीए के पास हर भूखंड की कुंडली एक ही जगह मौजूद रहेगी।
ऑटो अपडेट हो जाएगा नाम
खास बात यह है कि जेडीए सीमा क्षेत्र में आने वाले भूंखड़ को बेचे जाने के अलावा खरीदार का नाम भी ऑटो अपडेट हो जाया करेगा। जेडीए अधिकारियों के मुताबिक जेडीए की वेबसाइट पर मास्टर प्लान 2025 पर एक ही क्लिक से भूखंडों से जुड़ी समस्त जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। इसके अलावा ई-पंजीयन पोर्टल से मिली जानकारी की मदद से नाम हस्तांतरण होगा। इसी तरीके से भूखंड स्वामी का नाम ऑटो अपडेट होता रहेगा।
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कैसे होगा लाभ?
जानकारी के लिए बता दें कि भूखंड बेचने के बाद ही खरीदार का नाम ई-पंजीयन पोर्टल के माध्यम से जेडीए के सेंट्रलाइज प्रॉपर्टी रिपोजिटरी मैनेजमेंट सिस्टम (सीपीआरएमएस) में दर्ज हो जाएगा। खरीदार जब भी भूखंड नाम हस्तांतरण के लिए जेडीए में आवेदन करेगा, तो उसे भूखंड की रजिस्ट्री के पेपरों के सत्यापन के लिए जेडीए नहीं आना पड़ेगा।
साथ ही ई-पंजीयन पोर्टल के जरिए सीपीआरएमएस में हुए अपडेशन के आधार पर जेडीए में नाम हस्तांतरण कर दिया जाएगा। इससे लोगों को खरीद-बेचान में होने वाली धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा और फर्जी कागजों से भूखंड के नाम हस्तांतरण पर भी अंकुश लग सकेगा।
अगले महीने तक हो जाएगा काम पूरा
जेडीए की ओर से जारी योजनाओं व जेडीए से अनुमोदित योजनाओं के भूखंडों की जानकारी साझा की जाएगी। जेडीए आयुक्त आनंदी के बताया कि फिलहाल जेडीए की आइटी शाखा के अधिकारी 90-ए पोर्टल, ई-पंजीयन पोर्टल और ई-धरती पोर्टल का एकीकरण करने में जुट गया है। वहीं उम्मीद है कि 30 अप्रैल से तक इस कार्य को पूरा कर दिया जाएगा।