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Kota Organic Farming: भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम मेरठ और श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान केन्द्र कोटा के बीच एक एमओयू साइन हुआ है। यह समझौता 5 साल तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही एमओयू का उद्देश्य यही है कि दोनों संस्थाएं जैविक कृषि अनुसंधान, प्रसार एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।

Kota Organic Farming: वर्तमान समय में फसल के उत्पादन में हाइब्रिड जैसे बीज का उपयोग कर कम समय में, और फसल की बहुत कम बर्बादी के साथ किसान काफी बेहतर फसलों की उपज कर लेते हैं। इस हाइब्रिड बीज का उपयोग किसानों के लिए काफी फायदेमंद भी रहा है। लेकिन वर्तमान समय में फसलों की उपज में व उसकी बेहतर उत्पादन के लिए खाद्य की बहुत ज्यादा मात्रा में उपयोग की जा रही है। 

दो अनुसंधान संस्थान के बीच हुआ है एमओयू साइन

लिहाजा यह प्रकिया उत्पादन व आर्थिक स्रोत के दृष्टि से बेहतर हो सकता है। लेकिन इस तरह के खाद्य से उत्पन्न फसल स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर समस्या उत्पन्न करते हैं। अब राजस्थान के कोटा शहर में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम मेरठ और श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान केन्द्र कोटा के बीच एक एमओयू साइन हुआ है। यह समझौता 5 साल तक प्रभावी रहेगा। साथ ही इस समझौते का उद्देश्य यह है कि दोनों संस्थाएं जैविक कृषि अनुसंधान, प्रसार एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।

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किसानों की समृद्धि के किए जाएंगे प्रयास

इस एमओयू के तहत एक दूसरे के सहयोग से जैविक कृषि के सन्दर्भ में कृषि की प्राचीन, पारम्परिक एवं बहुप्रचलित विधियों पर अनुसंधान एवं प्रसार कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसकी जानकारी श्री रामशांताय जैविक अनुसंधान केंद्र के निदेशक ताराचंद गोयल ने दी है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने भी स्पष्ट तौर पर कहा है कि यह समझौता पूरे राष्ट्र के लिए हितकारी बनेगा। इस समझौते के दौरान कई मुख्य अतिथि भी मौजूद रहें।

तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का प्रयास

इस समझौते के मध्य कई उद्देश्य हैं, जिसमें आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के बीच तालमेल बिठाते हुए गुणवत्ता युक्त कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही अनुसंधान एवं विस्तार के नए आयाम स्थापित कर छात्रों को भी तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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