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Rajasthan Farmer Registry: फार्मर रजिस्ट्री में राजस्थान देश भर में पहला स्थान प्राप्त कर चुका है। इसी के साथ 10 साल से अधिक पुराने राजस्व वाद को जल्द से जल्द निपटाने के आदेश दिए गए हैं। आइये जानते हैं सभी मुख्य बातें।

Rajasthan Farmer Registry: राजस्थान में राष्ट्रीय किसान रजिस्ट्री में पहले स्थान प्राप्त करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य ने 73 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण करवाया है। राजस्व और उपनिवेशन मंत्री हेमंत मीणा ने घोषणा करते हुए कहा कि राजस्थान में पीएम किसान योजना के पात्र लाभार्थियों के बीच 81 प्रतिशत पंजीकरण दर हासिल कर लिया है। 

किसान पंजीकरण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि 

हेमंत मीणा ने सरकारी सचिवालय में एक समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की प्रशंसा की। अधिकारियों के प्रयासों के कारण ही 73 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण हुआ। आपको बता दे की पटवार मंडल स्तर पर एक व्यापक डोर टू डोर अभियान के माध्यम से किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है। यह मजबूत पहला राइजिंग राजस्थान के तहत उठाई गई है। 

राजस्व और भूमि सुधार पर केंद्रित प्रयास 

किसान रजिस्ट्री को बढ़ावा देने के अलावा लंबे समय से लंबित राजस्व मुद्दों को भी संबोधित किया जा रहा है। 10 साल से अधिक समय से लंबित राजस्व मामलों की निपटारे पर मंत्री हेमंत मीणा ने प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।

डिजिटल इन्नोवेशंस और न्यायिक दक्षता 

राजस्व बोर्ड द्वारा किए गए अभिनव उपाय ने ई धरती पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत करके राज्य विवादों को अधिक कुशलता से हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्व न्यायालय को भी दो शिफ्ट में काम करने के लिए नया रूप दिया गया है जिसमें हर दिन काम से कम 15 सबसे पुराने मामलों की सुनवाई की जाएगी। 

100% किसान पंजीकरण का रोड मैप 

सरकार ने 100% किसान पंजीकरण के अपने लक्ष्य की दिशा में एक बेहतर प्रगति की है। जिला कलेक्टरों को राज निवेश पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन हस्तांतरण के पंजीकरण और भूमि रूपांतरण से संबंधित मामलों की समीक्षा करने की आदेश दिए गए हैं।

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