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Rajasthan Farmers: किसानों का डाटा ऑनलाइन तैयार करने के लिए सरकार की ओर से फार्मर रजिस्ट्री कैंप आयोजित किए जा रहे है। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा एग्रीस्टैक योजना के तहत 5 फरवरी से सिहोरी जिले में फार्मर रजिस्ट्री केम्प लगाएं जा रहे है।

Rajasthan Farmers: राजस्थान के किसानों का डाटा ऑनलाइन तैयार करने के लिए राज्य सरकार की ओर से इन दिनों फार्मर रजिस्ट्री कैंप लगाए जा रहे है। जयपुर जिले के बाद अब राज्य के सीमावर्ती सिरोही जिले में सबसे अधिक पंजीयन किए जा रहे है। केंद्र सरकार द्वारा एग्रीस्टैक योजना के तहत 5 फरवरी से जिले में लगातार फार्मर रजिस्ट्री कैंप का आयोजन किया जा रहा है। 

इनमें जिले के हर ब्लॉक व पंचायत के किसानों को शामिल किया जा रहा है। राज्य स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक 24 मार्च को समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई थी, जिसमें 65 हजार 965 पीएम किसान लाभार्थियों में से 54 हजार 69 किसानों (81.92 प्रतिशत) ने पंजीकरण कराया था। 

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डोर-टू डोर कैंपेन की तैयारी 
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सिरोही के जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने जानकारी दी कि फिलहाल फार्मर रजिस्ट्री केम्प का कार्यक्रम अपने आखिरी दौर में है। साथ ही इस माह के अंतिम सप्ताह में शत-प्रतिशत काश्तकारों का पंजीकरण कराने के लिए भी डोर-टू डोर संपर्क कराने की तैयारी की जा रही है। किसानों के लिए इस कैंप में पंजीकरण करना जरूरी है, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकें।  
 
31 मार्च से पहले करावाना होगा रजिस्ट्रेशन 
किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ तभी मिल पाएगा जब उनका रजिस्ट्रेशन होगा। पंजीकरण कराने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2025 है। इसके बाद फार्मर आईडी नहीं होने पर पीएम-किसान सम्मान निधि की किश्त भी किसानों को नहीं मिल सकेगी। साथ ही कृषि विभाग की ओर से  विभिन्न सहायता भी बिना फार्मर रजिस्ट्री आईडी के नहीं हो सकेगी। फसल खराब होने के बाद मिलने वाला मुआवजा व किसान क्रेडिट कार्ड के लिए भी पंजीकरण कराने अनिर्वाय है। 
 
बनाई जा रही कमेटियां
सीकर जिले के सभी उपखंड अधिकारियों को ईकेवाईसी के लिए कमेटियां बनाई जा रही है। इसमें ग्राम विकास अधिकारी, भूमि सत्यापन के लिए पटवारियों की पंचायतवार और पंचायत कनिष्ठ सहायकों को शामिल किया जाएगा। फार्मर रजिस्ट्रेशन से वंचित काश्तकारों से डोर-टू-डोर संपर्क करने के लिए भी पंजीकरण किया जा रहा है, जिससे कोई भी किसान इससे वंचित ना रहे पाएं।

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