Retirement Plan: राजस्थान के सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आई है। इस खबर के अनुसार, इन कर्मचारियों को अप्रैल माह में पॉलिसी की राशि अधिक मात्रा में प्राप्त होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्थान के सेवानिवृत्त होने जा रहे राज्य कर्मचारियों को एक अप्रैल को राज्य बीमा पॉलिसी का भुगतान किया जाएगा। राज्य के बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग द्वारा राज्य कर्मचारियों के बैंक खातों में पॉलिसी की राशि अप्रैल के पहले सप्ताह में ऑनलाइन जमा कर दी जाएगी।
कर्मचारी बीमा नियम 1998 में है प्रावधान
राजस्थान सरकार के कर्मचारी बीमा नियम 1998 में प्रावधान है कि बीमाकृत व्यक्ति को सेवानिवृत्ति के ठीक पहले आने वाले 31 मार्च तक बीमा को जारी रखने की अपनी इच्छा व्यक्त करने के लिए विकल्प एसआईपीएफ पोर्टल 3.0 पर उपलब्ध है। ऐसी स्थिति में बीमाकृत राशि को विस्तारित अवधि के बोनस के साथ उसकी सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद, प्रथम अप्रैल को प्रदान किया जाएगा।
बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के निदेशक ने कही महत्वपूर्ण बातें
राज्य के बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के निदेशक नंदलाल शेरावत ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि विभाग से संबंधित सभी बीमा दावों का समय पर भुगतान करने के उद्देश्य से सेवानिवृत्त कर्मियों को राज्य बीमा विभाग के जिला कार्यालय में जाकर या ऑनलाइन एसआईपीएफ पोर्टल 3.0 पर दावा प्रपत्र भरने के लिए निवेदन किया जा रहा है। इन प्रपत्रों को भरने के लिए बीमादारों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भी सूचित किया जा सकता है।
मार्च 2023 के पहले सप्ताह तक करना था सबमिट
नंदलाल शेरावत ने बताया कि 2025-26 में सेवानिवृत्त होने वाले राज्य कर्मचारियों से अपेक्षा थी कि वे राज्य बीमा का भुगतान प्राप्त करने के लिए बीमा रिकॉर्ड बुक, परिपक्वता दावा, मूल निवास प्रमाण पत्र, पॉलिसी बॉन्ड, पदस्थापन विवरण आदि को ओटीपी-आधारित ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से 5 मार्च 2023 तक सबमिट करें।
परिपक्वता की मूल तिथि से 15 दिन पहले भेजना होगा
यदि कोई बीमादार इस विकल्प को चुनना चाहता है, तो उसे अपने संबंधित जिले के राज्य बीमा विभाग से संपर्क करना होगा। इस विकल्प को परिपक्वता की मूल तिथि से 15 दिन पहले भेजना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा इसके पश्चात यह सुविधा बंद कर दी जाएगी।
ये भी पढ़ें - राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा: अब छोटे जिले भी रोजगार से जुड़ सकेंगे, जानिए वन डिस्ट्रिक्ट वन डेस्टिनेशन स्कीम