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Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के खातीपुरा पुलिया के 260 बीघा जमीन सेना के हक में देते हुए जयपुर मिलिट्री स्टेशन को बड़ी राहत दी है। पिछले 56 सालों से चल रहे इस मामले पर कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया।

Rajasthan High Court: पिछले 56 सालों से चलते आ रहे मामले पर राजस्थान हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने जयपुर में खातीपुरा पुलिया के नजदीक 260 बीघा जमीन सेना को देते हुए जयपुर मिलिट्री स्टेशन को बड़ी राहत दी है। बता दें कि इस इलाके में विभिन्न जगहों पर लगभग 80 बीघा जमीन का अतिक्रमण हो गया थी, जिसके बाद इस जमीन को सेना ने अतिक्रमण से मुक्त कराया था और इसका हक सेना के पास ही थी। लेकिन सेना इस भूमि का इस्तेमाल नहीं कर पा रही थी। इस जगह को लेकर साल 1969 से अलग-अलग न्यायालयों में विवाद चल रहा था। जमीन की कीमत आज के समय में लगभग 3600 करोड़ रुपए है। 
 
260 बीघा जमीन पर हुआ था अतिक्रमण
न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह और न्यायाधीश प्रमिल कुमार माथुर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की अपीलों पर मोहर लगाते हुए जमीन सेना के हक में देने का फैसला लिया। सेना की ओर से केस लड़ रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राज दीपक रस्तोगी ने जानकारी दी कि 1950 में जयपुर रियासत की तत्कालीन फौज राजपूताना लांसर की 3600 बीघा जमीन रक्षा विभाग को दी गई थी, यह सेना के रिकॉर्ड में भी शामिल है। जिसके बाद साल 1972 में जगन्नाथपुरा और खातीपुरा गांव में 260 बीघा भूमि पर हुए अतिक्रमण के बाद इस पर सेना ने कब्जा कर लिया था। 

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अतिक्रमियों के पास नहीं है ठोस सबूत 
इस मामले पर राज दीपक रस्तोगी ने हाईकोर्ट को बताया कि सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण निषेध अधिनियम के तहत राजस्व न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है। इस केस में न तो सेना के रिकॉर्ड को चुनौती दी गई है और न ही अतिक्रमियों के पास जमीन से जुड़े कोई ठोस सबूत है। 
 
2005 से हाईकोर्ट की खंडपीठ में था मामला 
बता दें कि सेना की बेदखली के आदेश के बाद उपखंड अधिकारी द्वारा  न्यायालय में चुनौती दी गई थी और फैसला अतिक्रमियों के पक्ष में आया था। सेना ने राजस्व अपीलीय अधिकारी से राजस्व मंडल व हाईकोर्ट की एकलपीठ तक चुनौती दर्ज कराई थी, लेकिन फिर भी राहत नहीं मिली थी। साल 2005 से यह मामला हाईकोर्ट की खंडपीठ में था।

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