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Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा उपचुनाव के दौरान टोंक जिले के समरावता गांव में हुई हिंसा और थप्पड़कांड के 38 आरोपियों को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। हालांकि नरेश मीणा को लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है।

Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी खबर आई है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रवीर भटनागर की एकलपीठ ने टोंक समरावता 'थप्पड़ कांड' मामले में 38 आरोपियों को जमानत दे दी है। इससे पहले जिला सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, नरेश मीणा को अभी जमानत के लिए इंतजार करना होगा। कोर्ट ने उन्हें जमानत नहीं दी है।

हालांकि, अब उम्मीद है कि जल्द ही उनकी रिहाई हो जाएगी। मालूम हो कि पिछले साल 13 नवंबर को समरावता गांव से शर्मनाक मामला सामने आया था। विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बीच मारपीट की तस्वीर सामने आई थी। विवाद इतना बढ़ गया था कि निर्दलीय प्रत्याशी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार चौधरी को थप्पड़ तक मार दिया था। इसके बाद पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया था।

नरेश मीणा का थप्पड़ कांड 

गौरतलब है कि पिछले साल 13 नवंबर को विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा था। इसी क्रम में समरावता गांव में भी वोटिंग चल रहा था। यहां मालपुरा के एसडीएम अमित कुमार चौधरी ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात थे। यहां से नरेश मीणा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे। नरेश मीणा लगातार चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे थे।

उनका कहना था कि ईवीएम मशीन में उनका चुनाव चिन्ह ठीक से नहीं दिख रहा था और उसका रंग हल्का दिखाई दे रहा था। ये मामला हाई वोल्टेज विवाद में बदल गया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। इस मुद्दे को लेकर निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से बात की। लेकिन ये बातें विवाद में बदल गईं। कुछ ही देर में नरेश मीणा अपना आपा खो बैठे और ड्यूटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार चौधरी को थप्पड़ मार दिया था।

पुलिस ने कई लोगों को किया था गिरफ्तार 

राजस्थान विधानसभा उपचुनाव के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट को थप्पड़ मारने और मतदान के बाद भड़की हिंसा और आगजनी मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद लोगों का गुस्सा पुलिस प्रशासन पर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया और तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें भी मीडिया में आईं। इसके बाद मामले को बढ़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मालूम हो कि हाल के दिनों में नरेश मीणा की रिहाई के लिए उनके समर्थकों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही है।

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