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Rajasthan Spice Crops: राजस्थान में हर जिले की एक खास फसल को जीआई टैग दिलवाने के लिए समिति का गठन किया जाएगा।

Rajasthan Spice Crops: कृषि, बागवानी और मसाला फसलों की अंतरराष्ट्रीय ख्याति को बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार ने एक ठोस कदम उठाया है। राजस्थान सरकार ने अपनी विशिष्ट क्षेत्रीय उत्पादों के लिए भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग हासिल करने के लिए उच्च स्तरीय अंतर विभागीय समिति के गठन करने का निर्णय लिया है।

कृषि एवं बागवानी सचिव राजन विशाल की अध्यक्षता में जयपुर के पंत कृषि भवन में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने एक जिला एक उत्पाद  योजना और पंच गौरव के तहत उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक रूपरेखा तैयार की।

उच्च स्तरीय अंतर विभागीय समिति का गठन

इस कार्यशाला के दौरान इस बात पर निर्णय लिया गया की विशेष कृषि उत्पादों के लिए जीआई टैग के लिए आवेदन की पहचान और प्रकिया के लिए एक उच्च स्तरीय अंतर विभागीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। इस समिति का उद्देश्य राजस्थान के उत्पादों के अद्वितीय गुना को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलवाना है। 

अब तक की उपलब्धियां 

राजस्थान में वर्तमान में 16 उत्पादों और पांच कलाओं को जीआई टैग मिल चुका है। इनमें सोजत की मेहंदी और बीकानेरी भुजिया भी शामिल है। 

जीआई टैग का महत्व 

यह टैग क्षेत्रीय उत्पादों को उनके मूल स्थान से जोड़कर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। इस टैग को प्राप्त करने वाले उत्पाद बाजार में अधिक मांग के साथ कीमतों में बढ़ जाते हैं। यह टेक 10 साल तक वैध रहता है और इसे नवीनीकृत किया जा सकता है।

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