राजस्थान के किशनगढ़ हवाई अड्डे के विस्तार का काम अब जोरो पर है। एयरपोर्ट पर एप्रन और टैक्सी वे को बनाने के लिए उदयपुर की मैसर्स साईं भवानी इंफ्राबिल्ड प्रालि कंपनी को काम दे दिया जा चुका है। बी. एल. मीणा (हवाई अड्डे के डायरेक्टर, किशनगढ़) बताते हैं कि हवाई अड्डे के निर्माण के निर्माण में 6 आधुनिक एयर क्राफ्ट पार्किंग बेस का भी निर्माण किया जाएगा। जिनका इस्तेमाल विशेषकर एयरबस A320 और A321 जैसे बड़े विमानों की पार्किंग और रख रखाव के लिए किया जाएगा।
निर्माण में कितना खर्च आएगा
डायरेक्टर मीणा बताते हैं कि हवाई अड्डे के विस्तार कार्य के कुल 13.55 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इस परियोजना से प्रदेश के लोगों के आवागमन को तेज और सुविधाजनक बनाया जाएगा। इस नए एप्रन और टैक्सीवे के बनने से यहां एक साथ 6 फ्लाइट को पार्क किया जा सकता है। साथ ही खराब मौसम जैसे आंधी, तूफान, कोहरे के समय में फ्लाइट में कमी आने पर अन्य फ्लाइट को भी खड़ा किया जा सकता है।
कब तक पूरा होगा कार्य
डायरेक्टर मीणा का कहना है कि इस एप्रन और टैक्सीवे के निर्माण के बाद विमानों का आना जाना शुरू हो जाएगा। जिससे विमानों की संख्या में बढ़ोतरी भी होगी। साथ ही मानना है कि यह कार्य 1 साल में पूरा हो सकता है। फिलहाल अभी एप्रन तक पहुंचने के लिए एक ही रास्ता है। हवाई अड्डे पर अभी केवल दो शेड्यूल फ्लाइट के लिए एप्रन तैयार हुआ है। ताकि एक साथ 2 फ्लाइट खड़ी हो सकें। फ्लाइटों के एप्रन को पहले के मुकाबले 186.5 मीटर बढ़ाया गया है। अभी फिलहाल किशनगढ़ हवाई अड्डे से स्टार एयरलाइंस ATR 72 फ्लाइटों का संचालन किया जा रहा है, साथ ही आने वाले समय में इंडिगो जैसी कईं बड़ी कंपनियां आने वाली हैं।
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