Adhar Devi Temple: भारत में राजस्थान एक ऐसा राज्य है, जहां पर ऐतिहासिक मंदिरों की संख्या काफी ज्यादा है। कई मंदिर के बारे में जानकार दिमाग तक हिल जाता है। आज हम आपको इन्हीं में से एक सिरोही जिले में स्थित एक मंदिर के बारे में बताने वाले हैं। इस चमत्कारी मंदिर में जाने के बाद भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। यहां का प्राचीन मंदिर अपने आप में एक मिशाल बना हुआ है। आइए इसके बारे में हम आपको विस्तार से बताते हैं। खासकर, नवरात्रि के अवसर पर यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है।
5 हजार साल पुराना है यह मंदिर
माउंट आबू की पहाड़ी में स्थित मां अधर देवी का मंदिर माता सती की 15वीं शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। इस मंदिर में देवी मां की गुप्त रूप में पूजन होता है। यह मंदिर 5 हजार साल पुराना बताया जाता है। इस मंदिर के प्रसंग को लेकर यह बताया जाता है कि माता सती के आत्महुती से यह मंदिर जुड़ा हुआ है। वह अपने पिता दक्ष की बातों से नाराज होकर अग्नि में कूद गई थीं। इस बात से क्रोधित होकर देवों के देव महादेव सती के शरीर को लेकर जगह जगह घूमने लगे। जब शिव जी क्रोधित हुए थे, उस समय पूरे संसार में जन्म और मृत्यु होने की प्रकिया ही ठप हो गई थी।
भगवान विष्णु ने चक्र से किया अंगों का विच्छेद
इस पीड़ा से परेशान सभी देवता जगत के पालनहार भगवान विष्णु की शरण में गए। उसके बाद विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से अंगों का विच्छेद कर दिया, इसके बाद भगवान शिव जी ने माता सती के भस्म हुए शरीर को लिए उनके वियोग में तांडव शुरू कर दिया। उस वक्त कुल 51 जगहों पर माता के अंग गिरे थे। इस होनी की वजह से सभी को शक्तिपीठ बना दिया गया। उस समय माता के होंठ इसी जगह गिरा था, जिसके बाद अधर (होंठ) देवी के नाम से यह जगह जाना जाने लगा।
मंदिर में गुप्त रूप में होती है माता की पूजा
इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां पर माता की गुप्त रूप में पूजा होती है। स्कंद पुराण में यह वर्णन है कि इस गुफा में माता छठे रूप यानि कात्यायनी के रूप में विराजने का जिक्र किया गया है। इसकी स्थापना करीब साढ़े 5 हजार साल पहले की गई है। नवरात्रि के अवसर पर यह श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ रहता है।