Ardhkumbh In Rajasthan: प्रयागराज में कुछ ही दिनों में महाकुंभ की शुरुआत होने वाली है। राजस्थान में इन दिनों अर्धकुंभ सुईयाम मेला का आयोजन हुआ है। यहां सुईयां महादेव मंदिर, कपालेश्वर महादेव मंदिर, धर्मराज की बेरी और इंद्रभान तालाब के पांच पवित्र स्थल हैं। इस मेले में लोग गर्म सलाखों से अपनी बाजू पर निशान लगवाते हैं। वह इस निशान को जीवन भर सहेज कर रखना चाहते हैं। इसके अलावा यहां महादेव मंदिर के पास एक कुंड है जिसमें स्नान करने से लोगों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
लाखों की संख्या में आ रहे लोग
बाड़मेर से 44 किलोमीटर दूर चौहटन की पहाड़ियों पर ये मेला लगता है। सोमवार को अमावस्या होने पर पंच योग बनने पर लोग स्नान करेंगे। सुईयां महादेव का मंदिर पहाड़ी पर स्थित है और कुंड भी इसी के पास बना हुआ है। इसके पास में ही एक झरना सदियों से चल रहा है। माना जाता है कि यह झरना सालों से निरंतर चल रहा है। लोगों ने इस झरने के बारे में जानकारी प्राप्त करने की काफी कोशिश की लेकिन इस चमत्कारी झरने के बारे में लोगों को कुछ भी पता नहीं चल पाया। इस समय पूरे राजस्थान में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, लेकिन लाखों की संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।
पांडवों को करना पड़ा था 12 साल इंतजार
झरने के पास सुईयां महादेव का प्राकृतिक काले रंग की शिवलिंग है जो लोगों के लिए आस्था व आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कहा जाता है कि पांच योग के पवित्र संगम पर पांच पवित्र स्थलों के पवित्र जल से लोग स्नान करते हैं। मान्यता है कि मंदिर के पास बने कुंड में नहाने के लिए पांडवों ने 12 साल तक इंतजार किया था। पंचयोग नहीं बनने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ा था। 7 साल बाद ‘पंचयोग’ बना है। बीते 81 साल में यह 12वां मौका है, जब यह पंचयोग बना है।
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