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Davjavand Baba Avinashi Dham: इस मंदिर को अविनाशी धाम कहते हैं, जहां प्रत्येक वर्ष होली के बाद जाबंद महाराज का मेला लगता है, जिसमें दूर - दूर लोग आते हैं।

Avinashi Dham: राजस्थान अपने संस्कृति के लिए दुनिया भर में फेमस है। यहां की संस्कृतियों के साथ - साथ मंदिर भी प्रसिध्द है। प्रदेश में कई मंदिर हैं जिनकी अलग - अलग चमत्कारी विशेषताएं होती हैं। इस आर्टिकल में बात करेंगे एक ऐसे मंदिर की जहां किसी मूर्ति या प्रतिमा की नहीं बल्कि एक 100 फ़ीट ऊंचे पहाड़ी की पूजा की जाती है। यह मंदिर आज से 700 साल पूराना बताया जाता है।

कहां स्थित है ये अनोखा मंदिर

राजस्थान के सीकर जिले से लगभग 93 किलोमीटर की दूरी में स्थित इस मंदिर को अविनाशी धाम के नाम से जाना जाता है। यहां जिस प्राकृतिक पहाड़ी की पूजा की जाती है वह लगभग 2 किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। इस पहाड़ी की ख़ास बात यह है कि इसका आकार शिवलिंग के समान है।

होली के बाद लगता है मेला
जानकारी के मुताबिक़ इस अविनाशी धाम में प्रत्येक वर्ष होली के बाद जाबंद महाराज का मेला लगता है, जिसमें दूर - दूर लोग आते हैं। इस मेले में गाँव के लोग गाँव की सुख - समृध्दि के लिए इस विशाल पहाड़ी की परिक्रमा भी करते हैं।

मन्नत पूरी होने पर लोग चांदी का आंख करते हैं भेंट
इस पहाड़ी पर स्थित ध्वजाबंद महाराज मंदिर में भी भक्त एक चट्टान की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि जो भक्त यहां पूरी श्रद्धा और भाव से प्रार्थना करता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। मान्यता है कि भक्तों की मन्नत पूरी होने के बाद भक्त चांदी की आँख चढ़ाते हैं। यही कारण है कि इस देव रूपी चट्टान पर भी कई चांदी की आँख लगी हुई हैं।

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पेड़ कटाने और शराब बिक्री पर रोक
इस पहाड़ी को लोग पूजते हैं जिस कारण से यहां पेड़ नहीं काटा जाता है। यही नहीं अविनाशी गाँव के चार किलोमीटर के दायरे में भी शराब की बिक्री और सेवन पर रोक लगा दी गई है। कहा जाता है कि यहां के लोग पूरी ईमानदारी के साथ जीवनयापन करते हैं।

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