Rajasthan Shiv temple: राजस्थान की पिंक सिटी पुरी दुनिया में ऐतिहासिक इमारतों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के हजारों मंदिर में दूर-दूर से लोग भगवान के दर्शन करने पहुंचते हैं। जयपुर के मोती डूंगरी में स्थित भगवान शिव का ऐसा ही एक अनोखा मंदिर स्थित है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यह केवल साल में एक बार ही खुलता है। यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए लाखो श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां पहुंचने के लिए भक्तों को लगभग एक किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है।
केवल शिवरात्री पर खुलता है यह मंदिर
मोती डूंगरी स्थित एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर पूरे वर्ष में केवल शिवरात्री के अवसर पर भक्तों के लिए खोला जाता है। इस खास मौके पर लाखों की संख्या एक साथ मंदिर में आती है। मंदिर कमेटी और प्रशासन को इस दिन खास ख्याल रखना पड़ता है। माना जाता है कि जयपुर की स्थापना से पहले ही इस मंदिर का निर्माण किया गया था। इस मंदिर में भगवान शिव की पूजा शिवलिंग के रूप में की जाती है।
मंदिर से जुड़ी मान्यता
मान्यता है कि इस मंदिर को भगवान शंकर के साथ माता पार्वती और उनके परिवार के साथ स्थापना की गई थी लेकिन समय के साथ साथ उनकी प्रतिमाएं गायब होने लगी। इसके बाद से आज तक इस मंदिर में कभी भी किसी और मूर्ती की स्थापना नहीं की गई। इस मंदिर में हमेशा से जयपुर के राज परिवार द्वारा ही पूजा अर्चना की जा रही है।
शिवगढ़ी के नाम से जाना जाता है यह मंदिर
एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर को शिवगढ़ी के नाम से भी जाना जाता है। खास बात यह है कि शिवरात्री के दिन इस मंदिर में भगवान शिव की चार पहर पूजा की जाती है। भले ही इस मंदिर को भक्तों के लिए साल में एक बार खोला जाता है लेकिन यहां भगवान शिव की नियमित रूप से पूजा की जाती है। साथ ही मंदिर में समय समय पर विकास से जुड़ी गतिविधियां मंदिर कमेटी द्वारा की जाती है। माना जाता है कि यहां शिवरात्री पर भगवान की शिवलिंग का दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
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