Galta ji temple: बुधवार को गलता मंदिर की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में कलक्टर डॉ. जितेन्द्र सोनी की अध्यक्षता में एक उच्च विभागीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राजस्थान के प्रसिद्ध गलता तीर्थ के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर निर्देश जारी किए गए।
कलक्टर द्वारा देवस्थान विभाग के अधिकारियों को मंदिर ठिकाना गलताजी के स्वामित्व की शेष सपत्तियों के अधिग्रहण की कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी करने के आदेश जारी किए गए है, साथ ही विद्युत कनेक्शनों को मंदिर के नाम ट्रांसफर को लेकर भी कार्रवाई के निर्देश जारी किए है। मंदिर को लेकर आयोजित इस बैठक में देवस्थान, पुरातत्व संग्रहालय और सार्वजनिक समेत अन्य संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मंदिर को आकर्षित बनाने के निर्देश
मंदिर को आर्कर्षित बनाने के लिए प्रवेश द्वारा पर लाइटें लगाने, धर्मशाला के सामने बने मार्ग के बीच में फुलवारी और पेड़ पौधे लगाने, परिसर और पार्किंग व मंदिर की दीवारों पर गलता मंदिर से जुड़े विवरण और श्लोक लिखने, साथ ही मुख्य मार्ग को साफ-सफाई समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है। मंदिर का ठिकाना गलता जी का नियोजित विकास करने, सिसोदिया रानी बाग से गलता मंदिर के रास्ते पर भी सुंदर लाइटे लगवाने, घाट के बालाजी और गलता परिसर में शौचालय के निर्माण के आदेश भी दिए गए है।
पहाड़ियों पर पौधरोपण
गलता मंदिर में स्थित धर्मशाला के पास मौजूद पहाड़ियों पर पौधरोपण और फूलों की बेल लगाकर सुंदर तरीके से उसे विकसित करने का कार्य किया जाएगा, इसके साथ ही मंदिर से जुड़े इतिहास और वैभव का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करने का भी निर्देश जारी किया गया है।इस बैठक में धर्मशाला में कैफेटरिया का निर्माण करने पर भी चर्चा की जा रही है। बैठक में मंदिर के इतिहास को शिलापट्टों पर हिन्दी और अंग्रेजी में अंकन करावाकर सुलभ स्थानों पर लगवाने और प्राचीन चित्रतारी को सुरक्षित रखने का फैसला लिया गया है।
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